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खाद्यान्न की गुणवत्ता और सस्ते राशन की दुकानों की हो निगरानी : उपायुक्त
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धर्मशाला। खाद्य आपूर्ति विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते राशन की दुकानों में खाद्यान्न की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखने और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करे। यह निर्देश उन्होंने मंगलवार को उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने सार्वजनिक वितरण कमेटी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
उन्होंने कहा कि सस्ते राशन की दुकानों में समय पर खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने पॉलीथिन के इस्तेमाल पर भी सख्ती बरतने और दुकानों की नियमित जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानों में खाद्यान्न वस्तुओं की रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी रेट लिस्ट का निरीक्षण भी सुनिश्चित करे।
जिला में 1135 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से अगस्त 2024 से फरवरी 2025 तक 38.70 करोड़ रुपये मूल्य की खाद्य वस्तुएं वितरित की गईं।
उपायुक्त ने कहा कि इस दौरान 5,496 निरीक्षण किए गए, जिनमें 35 दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं और 18.77 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस दौरान विभिन्न खाद्य वस्तुओं के 271 नमूने एकत्रित कर विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इसके अलावा जिला में 36 गैस एजेंसियों के माध्यम से 5,52,995 उपभोक्ताओं को एलपीजी आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार गैस सिलिंडर का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
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बैठक में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता के आधार पर उचित मूल्य की दुकानें आवंटित करने पर भी चर्चा हुई। इससे पहले जिला खाद्य नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि सस्ते राशन की दुकानों में समय पर खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने पॉलीथिन के इस्तेमाल पर भी सख्ती बरतने और दुकानों की नियमित जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानों में खाद्यान्न वस्तुओं की रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी रेट लिस्ट का निरीक्षण भी सुनिश्चित करे।
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जिला में 1135 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से अगस्त 2024 से फरवरी 2025 तक 38.70 करोड़ रुपये मूल्य की खाद्य वस्तुएं वितरित की गईं।
उपायुक्त ने कहा कि इस दौरान 5,496 निरीक्षण किए गए, जिनमें 35 दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं और 18.77 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस दौरान विभिन्न खाद्य वस्तुओं के 271 नमूने एकत्रित कर विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इसके अलावा जिला में 36 गैस एजेंसियों के माध्यम से 5,52,995 उपभोक्ताओं को एलपीजी आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार गैस सिलिंडर का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
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बैठक में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता के आधार पर उचित मूल्य की दुकानें आवंटित करने पर भी चर्चा हुई। इससे पहले जिला खाद्य नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी।