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कांगड़ा जिला में लॉक डाउन, धारा-144 लागू
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धर्मशाला। कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले आने के बाद कांगड़ा जिला में धारा-144 लागू करने के आदेश दिए गए। उपायुक्त कांगड़ा ने शनिवार को बताया कि भारत सरकार ने कोविड-19 को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया है। इसके दृष्टिगत कांगड़ा जिला में धारा-144 लागू करने के आदेश पारित कर दिए गए हैं। इसके तहत अब जिले में चार से ज्यादा लोग एक स्थान पर एकत्रित नहीं हो सकते हैं। किसी भी व्यक्ति को समारोह, रैली, वर्कशाप और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। सैलून, ब्यूटी पार्लर, हेयर कटिंग की दुकानों में कार्य बंद रहेगा। इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी चार से ज्यादा व्यक्तियों को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इन आदेशों के बाद निजी बसें भी निर्धारित रूटों पर नहीं जा सकेंगी। लॉक डाउन में सरकारी कार्यालय खुले रहेंगे, लेकिन इसमें आम जनमानस की आवाजाही पर रोक रहेगी तथा स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे। किसी भी तरह का शैक्षणिक कार्य स्कूलों में नहीं होगा। उन्होंने बताया कि ये आदेश अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं पर लागू नहीं होंगे। अस्पताल, क्लीनिक इत्यादि खुले रहेंगे। मूवमेंट ऑफ मजिस्ट्रेट, पुलिस टीम, हेल्थ डिपार्टमेंट टीम एंबुलेंस सेवा तथा आवश्यक खाद्य सामग्री को ले जाने पर ये आदेश लागू नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में 25 प्रतिशत तक सीटें भरकर ही निर्धारित रूट पर जाने की अनुमति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत बोर्ड, शहरी विकास विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुर्वेदिक विभाग नियमित तौर पर अपनी सेवाएं देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा-269, 270 तथा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत आदेश पारित: राकेश
जिला दंडाधिकारी राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा ने कोरोना से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन एक्ट, 2005 की धारा-34 के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रभावितों के संपर्क में आए और कोरोना के संदिग्ध व्यक्तियों की सर्विलेंस पर्सनल से मार्किंग सुनिश्चित की जाएगी। उसमें क्वारंटाइन की दिनांक भी अंकित करना जरूरी है। आदेशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी कोरोना संदिग्ध या प्रभावित व्यक्ति की ओर से सर्विलेंस पर्सनल के निर्देशों की अनुपालना नहीं करने पर आईपीसी की धारा-269, 270 एवं आपदा प्रबंधन एक्ट 205 की धारा -51 के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान है। ऐसा कोई भी कोराना संदिग्ध या प्रभावित व्यक्ति जिसे सेल्फ क्वारंटाइन के लिए कहा गया है अगर वो निर्देशों की अनुपालना नहीं करता है तो उसे अस्थायी क्वारंटीन केंद्र में शिफ्ट भी किया जा सकता है तथा शिफ्ट होने से इनकार करने पर आईपीसी की धारा-269, 270 एवं आपदा प्रबंधन एक्ट 205 की धारा -51 के तहत भी सजा तथा जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
जनता कर्फ्यू में सहभागिता करें सुनिश्चित
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के कहर से बचाव के लिए रविवार 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के तहत सभी नागरिकों से प्रात: सात बजे से रात नौ बजे तक अपने अपने घरों में रहने का आग्रह किया गया है ताकि संयम और संकल्प के साथ हम सब संकट से निकल सकें। उन्होंने कहा कि पांच बजे सांय चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वच्छता कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए घर के दरवाजे या बालकानी से थाली, ताली बजाकर उनका धन्यवाद करने का आग्रह भी किया गया है।
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आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत आदेश पारित: राकेश
जिला दंडाधिकारी राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा ने कोरोना से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन एक्ट, 2005 की धारा-34 के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रभावितों के संपर्क में आए और कोरोना के संदिग्ध व्यक्तियों की सर्विलेंस पर्सनल से मार्किंग सुनिश्चित की जाएगी। उसमें क्वारंटाइन की दिनांक भी अंकित करना जरूरी है। आदेशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी कोरोना संदिग्ध या प्रभावित व्यक्ति की ओर से सर्विलेंस पर्सनल के निर्देशों की अनुपालना नहीं करने पर आईपीसी की धारा-269, 270 एवं आपदा प्रबंधन एक्ट 205 की धारा -51 के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान है। ऐसा कोई भी कोराना संदिग्ध या प्रभावित व्यक्ति जिसे सेल्फ क्वारंटाइन के लिए कहा गया है अगर वो निर्देशों की अनुपालना नहीं करता है तो उसे अस्थायी क्वारंटीन केंद्र में शिफ्ट भी किया जा सकता है तथा शिफ्ट होने से इनकार करने पर आईपीसी की धारा-269, 270 एवं आपदा प्रबंधन एक्ट 205 की धारा -51 के तहत भी सजा तथा जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
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जनता कर्फ्यू में सहभागिता करें सुनिश्चित
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के कहर से बचाव के लिए रविवार 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के तहत सभी नागरिकों से प्रात: सात बजे से रात नौ बजे तक अपने अपने घरों में रहने का आग्रह किया गया है ताकि संयम और संकल्प के साथ हम सब संकट से निकल सकें। उन्होंने कहा कि पांच बजे सांय चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वच्छता कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए घर के दरवाजे या बालकानी से थाली, ताली बजाकर उनका धन्यवाद करने का आग्रह भी किया गया है।
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