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Kangra News: भगवान की श्रेष्ठतम रास लीला का वर्णन किया
Sun, 08 Jun 2025 11:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 08 Jun 2025 11:56 AM IST
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थुरल/आलमपुर (कांगड़ा)। आलमपुर के देहरी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन आचार्य तिलक शर्मा व्यास ने भगवान की श्रेष्ठतम लीला रास लीला का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि रास तो जीव का शिव के मिलन की कथा है। यह काम को बढ़ाने की नहीं, काम पर विजय प्राप्त करने की कथा है। इस कथा में कामदेव ने भगवान पर खुले मैदान में अपने पूर्व सामर्थ्य के साथ आक्रमण किया लेकिन वह भगवान को पराजित नहीं कर पाया। उसे ही परास्त होना पड़ा है। रास लीला में जीव का शंका करना या काम को देखना ही पाप है। जब जीव में अभिमान आता है तो भगवान उससे दूर हो जाता है, लेकिन जब कोई भगवान को न पाकर तड़प में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर कृपा करते हैं। उसे दर्शन देते हैं। विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुकमणि के साथ हुआ। रुकमणि स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकतीं। उन्होंने श्रीकृष्ण भगवान व रुकमणि के अतिरिक्त अन्य विवाहों का भी वर्णन किया गया। मंदिर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य प्रवीण राणा ने बताया कि सातवें दिन रविवार को कथा का समापन होगा। इस उपलक्ष पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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