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Kangra News: सीयू ने 16 साल बाद भी किराये के भवन में मनाया स्थापना दिवस
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धर्मशाला। प्रदेश में उच्च शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएचपी) ने अपना 16वां स्थापना दिवस भी किराये के भवन में मनाया। स्थापना के डेढ़ दशक बीत जाने के बावजूद केंद्रीय विश्वविद्यालय आज तक अपने स्थायी कैंपस में शिफ्ट नहीं हो पाया है। स्थापना दिवस समारोह डिग्री कॉलेज धर्मशाला के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसने एक बार फिर केंद्रीय विश्वविद्यालय की अधूरी बुनियादी संरचना की हकीकत उजागर कर दी। स्थापना के 16 वर्ष पूरे होने के बावजूद विश्वविद्यालय आज भी किराये और अस्थायी भवनों में संचालित हो रहा है, जो इसकी विकास यात्रा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना को करीब डेढ़ दशक बीत चुका है, लेकिन आज भी यह विश्वविद्यालय अपने स्थायी कैंपस के बिना ही संचालित हो रहा है। प्रदेश को उच्च शिक्षा का केंद्र बनाने के उद्देश्य से स्थापित केंद्रीय विवि अभी तक किराये की इमारतों में कैद है, जिससे न केवल छात्रों को शैक्षणिक सुविधाओं में परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग अलग-अलग स्थानों पर संचालित किए जा रहे हैं। कहीं कक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरे नहीं हैं तो कहीं प्रयोगशालाओं और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
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हालांकि, देहरा में बनने वाले कैंपस का निर्माण 80 फीसदी से अधिक पूरा होने की बात कही जा रही है, लेकिन धर्मशाला में बनने वाले कैंपस का अभी तक कोई नामोनिशान तक नहीं है। सीमित जगह के कारण नए कोर्स और शोध कार्यक्रम शुरू करने में भी विश्वविद्यालय प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना को करीब डेढ़ दशक बीत चुका है, लेकिन आज भी यह विश्वविद्यालय अपने स्थायी कैंपस के बिना ही संचालित हो रहा है। प्रदेश को उच्च शिक्षा का केंद्र बनाने के उद्देश्य से स्थापित केंद्रीय विवि अभी तक किराये की इमारतों में कैद है, जिससे न केवल छात्रों को शैक्षणिक सुविधाओं में परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग अलग-अलग स्थानों पर संचालित किए जा रहे हैं। कहीं कक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरे नहीं हैं तो कहीं प्रयोगशालाओं और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
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हालांकि, देहरा में बनने वाले कैंपस का निर्माण 80 फीसदी से अधिक पूरा होने की बात कही जा रही है, लेकिन धर्मशाला में बनने वाले कैंपस का अभी तक कोई नामोनिशान तक नहीं है। सीमित जगह के कारण नए कोर्स और शोध कार्यक्रम शुरू करने में भी विश्वविद्यालय प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।