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अगर तीसरी लहर का प्रकोप बढ़ा तो धर्मशाला अस्पताल में बंद हो जाएंगे ऑपेरशन, आईपीडी

Wed, 29 Dec 2021 11:30 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 11:30 PM IST
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Corona: Dharamshala if the third wave took effect
धर्मशाला। अगर प्रदेश और जिला कांगड़ा में कोरोना वायरस की प्रस्तावित तीसरी लहर
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प्रभावी होती है और इसका प्रकोप बढ़ता है तो एक बार फिर जोनल अस्पताल धर्मशाला कोविड वार्ड में तबदील हो जाएगा। इस कारण क्षेत्र के लोगों के न तो धर्मशाला अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो सकेंगे और न ही मरीज अस्पताल में भर्ती हो सकेंगे।
एक बार फिर मरीजों को उपचार और ऑपरेशन करवाने के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा और हिम केयर कार्ड होने के बावजूद उन्हें निजी अस्पतालों में हजारों-लाखों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इससे पहले भी पहली और दूसरी लहर के दौरान जोनल अस्पताल को कोविड वार्ड बनाया गया था। इस दौरान लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। बता दें कि जिला कांगड़ा में कोविड मरीजों के लिए बिस्तरों की कमी है।
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कोरोना की दूसरी लहर में भी कई मरीजों की अस्पताल में बिस्तर न मिल पाने के कारण मौत हो गई थी या उन्हें हजारों रुपये खर्च कर के मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा था। अभी तक जिला कांगड़ा में बिस्तरों की संख्या न बढ़ पाना स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल रहा है। दूसरी लहर के बाद भी स्वास्थ्य विभाग जिले में हुई तबाही से कोई सबक नहीं ले सका है। अभी भी विभाग ने सुस्त रवैया अपनाया हुआ है।
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जानकारी के अनुसार जिला कांगड़ा में दूसरी लहर के दौरान विभिन्न अस्पतालों में केवल 600 बिस्तरों और 65 वेंटिलेटर की ही सुविधा थी, जो करीब 15 लाख की आबादी के लिए पर्याप्त नहीं थे। वहीं, अब तीसरी लहर का साया मंडराने लगा है। फिर भी जिले में कोविड मरीजों को भर्ती करने के लिए बिस्तरों की संख्या तक नहीं बढ़ाई गई है। जानकारी के अनुसार जोनल अस्पताल धर्मशाला में इस समय 175 के करीब बिस्तरों की व्यवस्था है।

कोट
-अगर कोरोना वायरस की संभावित तीसरी आती है और उस दौरान मामले बढ़ते हैं तो टांडा मेडिकल कॉलेज में बने मेक शिफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। उसके बाद जरूरत पड़ने पर पालमपुर, नूरपुर और पपरोला में बने सेंटरों को इस्तेमाल किया जाएगा। उसके बाद जोनल अस्पताल धर्मशाला को कोविड वार्ड में बदल दिया जाएगा। इस कारण अस्पताल में ऑपरेशन और आईपीडी बंद हो सकती है। - डॉ. विक्रम कटोच, जिला स्वास्थ्य अधिकारी
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