{"_id":"62b9c8c35a90533fae277648","slug":"corona-case-kangra-news-sml413439790","type":"story","status":"publish","title_hn":"फरवरी के बाद पहली बार एक दिन में कोरोना की चपेट में आए 35 लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फरवरी के बाद पहली बार एक दिन में कोरोना की चपेट में आए 35 लोग
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में कोरोना के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं। फरवरी महीने के बाद पहली बार एक दिन में 35 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या अब 147 पहुंच गई है।
कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ समय से जिले में कोविड के नए मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तीन जून को जहां मात्र 10 एक्टिव केस थे, वहीं 27 जून को इनकी संख्या बढ़कर 147 हो गई है। साप्ताहिक संक्रमण दर जो मई माह में मात्र 0.8 थी, वह बढ़कर पिछले सप्ताह 6.9 दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह दो मरीजों को कोविड की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी। विभिन्न अस्पतालों में आईएलआई (इन्फलुएंजा जैसी बीमारी) के लक्षणों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कोविड अनुरूप व्यवहार का कड़ाई से पालन करें। मास्क पहनें, दो गज की दूरी बनाए रखें, समय-समय पर अपने हाथों को साबुन और पानी से धोते रहें।
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अगर किसी व्यक्ति में लक्षण पाए जाते हैं, तो वे तुरंत अपने आपको आइसोलेट कर ले। इसके साथ ही वह नजदीक के स्वास्थ्य संस्थान में जाकर अपना कोविड टेस्ट करवाए।
उन्होंने कहा कि 12 वर्ष से ऊपर की आयु के सभी पात्र कोरोना वैक्सीनेशन करवाना सुनिश्चित करें। विशेषकर 60 साल से ऊपर सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी वैक्सीनेशन की बूस्टर डोज लगवाना सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग के लिए तेज किए प्रयास
जिला कांगड़ा में करीब चार माह बाद कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने बताया कि जननी सुरक्षा कार्यक्रम और जीवन धारा कार्यक्रम के तहत चल रही दो-दो एंबुलेंस को सैंपल एकत्रित करने और उन्हें लैब तक पहुंचाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए भी इनका उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय बाल कल्याण कार्यक्रम और चिकित्सा खंडों में सेवारत गाड़ियों की भी सेवाएं ली जा रही हैं।
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कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ समय से जिले में कोविड के नए मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तीन जून को जहां मात्र 10 एक्टिव केस थे, वहीं 27 जून को इनकी संख्या बढ़कर 147 हो गई है। साप्ताहिक संक्रमण दर जो मई माह में मात्र 0.8 थी, वह बढ़कर पिछले सप्ताह 6.9 दर्ज की गई है।
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उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह दो मरीजों को कोविड की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी। विभिन्न अस्पतालों में आईएलआई (इन्फलुएंजा जैसी बीमारी) के लक्षणों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कोविड अनुरूप व्यवहार का कड़ाई से पालन करें। मास्क पहनें, दो गज की दूरी बनाए रखें, समय-समय पर अपने हाथों को साबुन और पानी से धोते रहें।
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अगर किसी व्यक्ति में लक्षण पाए जाते हैं, तो वे तुरंत अपने आपको आइसोलेट कर ले। इसके साथ ही वह नजदीक के स्वास्थ्य संस्थान में जाकर अपना कोविड टेस्ट करवाए।
उन्होंने कहा कि 12 वर्ष से ऊपर की आयु के सभी पात्र कोरोना वैक्सीनेशन करवाना सुनिश्चित करें। विशेषकर 60 साल से ऊपर सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी वैक्सीनेशन की बूस्टर डोज लगवाना सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग के लिए तेज किए प्रयास
जिला कांगड़ा में करीब चार माह बाद कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने बताया कि जननी सुरक्षा कार्यक्रम और जीवन धारा कार्यक्रम के तहत चल रही दो-दो एंबुलेंस को सैंपल एकत्रित करने और उन्हें लैब तक पहुंचाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए भी इनका उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय बाल कल्याण कार्यक्रम और चिकित्सा खंडों में सेवारत गाड़ियों की भी सेवाएं ली जा रही हैं।