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Kangra News: चेक बाउंस मामले में दोषी को छह महीने की सजा, 2.80 लाख रुपये लगाया जुर्माना

Sun, 31 May 2026 01:39 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 01:39 AM IST
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Convict sentenced to six months' imprisonment and fined Rs 2.80 lakh in cheque bounce case
18 साल पुराना है मामला, व्यक्ति ने पीएनबी गगल शाखा से लिया था वाहन ऋण, चुकाने में कर रहा था आनाकानी
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर एक कांगड़ा ने चेक बाउंस मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चेक राशि का दोगुना 2.80 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। अदालत ने यह फैसला पंजाब नेशनल बैंक गगल द्वारा दायर शिकायत पर सुनाया।

मामले के अनुसार धर्मशाला क्षेत्र के अश्वनी कुमार ने वर्ष 2008 में पंजाब नेशनल बैंक गगल शाखा से वाहन खरीदने के लिए 4.80 लाख रुपये का ऋण लिया था। बैंक के अनुसार आरोपी ने समय पर किस्तें जमा नहीं करवाईं, जिसके चलते ऋण खाता एनपीए हो गया। बाद में आरोपी ने बैंक की देनदारी चुकाने के लिए 1,40,172 रुपये का चेक जारी किया।
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बैंक द्वारा चेक को भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया लेकिन खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, मगर निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया। इस पर बैंक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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सुनवाई के दौरान आरोपी ने ऋण लेने की बात स्वीकार की लेकिन चेक जारी करने और बकाया देनदारी से इन्कार किया। हालांकि वह अपने दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने कहा कि आरोपी कानूनी रूप से यह साबित करने में असफल रहा कि चेक किसी देनदारी के निर्वहन के लिए जारी नहीं किया गया था।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि चेक बाउंस मामलों में कानून का उद्देश्य बैंकिंग लेनदेन की विश्वसनीयता बनाए रखना है। ऐसे मामलों में नरमी बरतना कानून की मंशा के विपरीत होगा।

अदालत ने आरोपी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चेक राशि के दोगुने यानी 2,80,344 रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त दो माह की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने निर्देश दिए कि वसूल की गई राशि शिकायतकर्ता बैंक को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
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