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Kangra News: बाइक चोरी होने पर नहीं दिया क्लेम, अब ब्याज के साथ चुकाने होंगे 33,750 रुपये
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धर्मशाला। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को नौ फीसदी ब्याज के साथ 33,750 रुपये शिकायत की तिथि से देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा 10 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकद्दमेबाजी के लिए भी देने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार सतीश कुमार पुत्र साधु राम निवासी गांव जौली पोस्ट आफिस लुथियाल तहसील फतेहपुर जिला कांगड़ा ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह 17 अगस्त, 2021 को अपने मोटरसाइकिल पर अपने काम के लिए जालंधर गया था। वह जालंधर में एक शराब की दुकान में काम करता था। इस दौरान उसने अपनी बाइक को शराब की दुकान के साथ खड़ा किया था, जिसे कुछ अज्ञात लोगों ने चुरा लिया। इसके बाद उसने इस संदर्भ में जालंधर में ही चोरी की शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल कर उनकी बाइक की रिपोर्ट को अनट्रेस घोषित कर उसकी रिपोर्ट दे दी। इसके बाद उसने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन वहां से उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया।
इंश्योरेंस कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि व्यक्ति की बाइक 17 अगस्त, 2021 को चोरी हुई थी, जबकि उसने इसकी सूचना 9 सितंबर, 2021 को 23 दिन बाद दी थी, जो कि बीमा शर्तों का उल्लंघन है। वहीं, दूसरी ओर उपभोक्ता आयोग ने शिकायत को मंजूर करते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को एकमुश्त 33,750 रुपये और 20 हजार रुपये मुआवजा और मुकद्दमेबाजी के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
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जानकारी के अनुसार सतीश कुमार पुत्र साधु राम निवासी गांव जौली पोस्ट आफिस लुथियाल तहसील फतेहपुर जिला कांगड़ा ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह 17 अगस्त, 2021 को अपने मोटरसाइकिल पर अपने काम के लिए जालंधर गया था। वह जालंधर में एक शराब की दुकान में काम करता था। इस दौरान उसने अपनी बाइक को शराब की दुकान के साथ खड़ा किया था, जिसे कुछ अज्ञात लोगों ने चुरा लिया। इसके बाद उसने इस संदर्भ में जालंधर में ही चोरी की शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल कर उनकी बाइक की रिपोर्ट को अनट्रेस घोषित कर उसकी रिपोर्ट दे दी। इसके बाद उसने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन वहां से उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया।
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इंश्योरेंस कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि व्यक्ति की बाइक 17 अगस्त, 2021 को चोरी हुई थी, जबकि उसने इसकी सूचना 9 सितंबर, 2021 को 23 दिन बाद दी थी, जो कि बीमा शर्तों का उल्लंघन है। वहीं, दूसरी ओर उपभोक्ता आयोग ने शिकायत को मंजूर करते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को एकमुश्त 33,750 रुपये और 20 हजार रुपये मुआवजा और मुकद्दमेबाजी के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
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