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Kangra News: फोरलेन निर्माण कंपनी के मजदूरों के पक्ष में उतरी सीटू
Mon, 21 Oct 2024 04:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 21 Oct 2024 04:17 AM IST
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नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) फोरलेन निर्माण कंपनी के मजदूरों के पक्ष में उतरी है। सीटू के जिला प्रधान केवल कुमार, जिला सचिव रविंद्र कुमार और जिला वित्त सचिव अशोक कटोच ने आरोप लगाया है कि पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण में ठानपुरी से परौर तक निर्माण कार्य करवा रही कंपनी श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ा रही है।
इस निर्माण कार्य में काम करने वाले कामगारों को देश की सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा और न ही दूसरे श्रम कानूनों की अनुपालना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी के मजदूर लंबे समय से कंपनी प्रबंधन को बार-बार न्यूनतम वेतन देने, 12 घंटे काम करवाने पर 12 घंटों का वेतन देने, श्रम कानूनो के अनुसार सुविधाएं देने की गुहार लगाते रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने बातचीत से मसले का हल निकालने के लिए कोई पहल नहीं की, उल्टे अपनी मांगों के पक्ष में मजदूरों द्वारा 14 दिन का नोटिस देने के बाद एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करने पर सभी मजदूरों को नौकरी से निकालने का आदेश जारी कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे गरीब मजदूरों को पुलिस ने जबरन उनके धरना स्थल से उठाने के लिए बल प्रयोग किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मजदूरों की मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन जारी रहेगा।
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इस निर्माण कार्य में काम करने वाले कामगारों को देश की सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा और न ही दूसरे श्रम कानूनों की अनुपालना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी के मजदूर लंबे समय से कंपनी प्रबंधन को बार-बार न्यूनतम वेतन देने, 12 घंटे काम करवाने पर 12 घंटों का वेतन देने, श्रम कानूनो के अनुसार सुविधाएं देने की गुहार लगाते रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने बातचीत से मसले का हल निकालने के लिए कोई पहल नहीं की, उल्टे अपनी मांगों के पक्ष में मजदूरों द्वारा 14 दिन का नोटिस देने के बाद एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करने पर सभी मजदूरों को नौकरी से निकालने का आदेश जारी कर दिया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे गरीब मजदूरों को पुलिस ने जबरन उनके धरना स्थल से उठाने के लिए बल प्रयोग किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मजदूरों की मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन जारी रहेगा।
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