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पेंपा सेरिंग: तिब्बत में बोर्डिंग स्कूल खोलकर तिब्बती संस्कृति को नष्ट कर रहा चीन

Fri, 25 Nov 2022 01:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: शिमला ब्यूरो Updated Fri, 25 Nov 2022 01:26 PM IST
सार

पेंपा सेरिंग ने कहा कि चीन ने अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को पूरा करने के लिए तिब्बत पर कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि भारत के तिब्बत के साथ बेहद प्राचीन सांस्कृतिक संबंध रहे हैं।

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Tibetan prime minister Penpa Tsering said China destroying Tibetan culture by opening boarding schools in Tibe
केंद्रीय विश्वविद्यालय के संवाद कार्यक्रम में संबोधित करते पेंपा सेरिंग। - फोटो : संवाद

विस्तार

चीन ने तिब्बत में बड़ी संख्या में बोर्डिंग स्कूल खोल दिए हैं। चीन की यह साजिश तिब्बती संस्कृति और शिक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। भारतीय सीमाएं तिब्बत के साथ लगती हैं। ऐसे में यह भारत की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से धर्मशाला में आयोजित तिब्बत संवाद कार्यक्रम में यह बात कही।

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पेंपा सेरिंग ने कहा कि चीन ने अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को पूरा करने के लिए तिब्बत पर कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि भारत के तिब्बत के साथ बेहद प्राचीन सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। हर तिब्बती अपनी पहचान को आर्यवर्त देश से जोड़कर देखता है। पेंपा सेरिंग ने कहा कि भारत हमारी धर्म और संस्कृति का स्रोत है। तिब्बती भाषा देवनागरी लिपी में लिखी जाती है। हमारे निर्वासित सरकार के पुस्तकालय में भारतीय ज्ञान परंपरा की 13,000 से अधिक किताबें उपलब्ध हैं।
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भारतीय सीमाओं की रक्षा के लिए अहम है तिब्बत का प्रश्न : प्रो. अग्निहोत्री
केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि अमेरिका के लिए तिब्बत मसला चीन को पंच मारने के लिए राजनीतिक या कूटनीतिक लिहाज से अहम हो सकता है, मगर भारत के लिए तिब्बत अपनी उत्तरी भारत की सीमाओं की रक्षा का मसला है। प्रो. अग्निहोत्री ने कहा कि चीन मिडल किंगडम सिंड्रोम से ग्रस्त है।
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इस संक्रमण के कारण चीन को वहम है कि वह दुनिया के केंद्र में बसा हुआ है और पूरी दुनिया को ज्ञान देना उसका परम कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि तिब्बत के इतिहास और राजनीति को समझे बिना चीन की मंशाओं को समझना मुश्किल है। देश के कई शिक्षण संस्थानों में तिब्बती दर्शन की पढ़ाई होती है। मगर केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश देश का पहला शिक्षण संस्थान है, जहां तिब्बत के इतिहास और राजनीति की पढ़ाई होती है।

आंबेडकर के प्रति बनाई धर्म परिवर्तन की धारणा गलत: रिंपोछे
सांची यूनिवर्सिटी ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज के कुलाधिपति प्रोफेसर वेनेरेबल सामदहोंग रिंपोछे ने कहा कि भीमराव आंबेडकर के बारे में इस तरह की धारणा बनाई गई है कि जीवन के अंतिम दिनों में उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था। उन्होंने कहा कि धर्म चित्त-वृत्ति से जुड़ा विषय है। इसे भी कभी भी कपड़े की तरह बदला नहीं जा सकता। उसी प्रकार आंबेडकर की धर्म परिवर्तन की धारणा बेहद सतही है।


प्रो. अग्निहोत्री को स्वामी सत्यानंद स्टोक्स सम्मान से नवाजा
देव भूमि के सम्मान में इस साल का स्वामी सत्यानंद स्टोक्स सम्मान प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री को दिया गया। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय शिक्षक समिति ने इस सम्मान की इस वर्ष शुरुआत की है। धौलाधार परिसर में भव्य सम्मारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री को सम्मानित किया गया।

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