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Kangra News: बाल विवाह रुका, फिर खुला पढ़ाई का रास्ता
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धर्मशाला। पंचरुखी क्षेत्र में बाल विवाह रुकने के बाद नाबालिग लड़की का दोबारा स्कूल में दाखिला करवा दिया गया है। चाइल्ड हेल्पलाइन और प्रशासन की तत्परता से अब उसकी शिक्षा की राह फिर से खुल गई है। मामला तीन दिन पहले का है। अब छात्रा को जमा दो कक्षा में प्रवेश दिलाया गया है।
जानकारी के अनुसार 15 वर्षीय लड़की का विवाह परिजनों द्वारा तय किया गया था, जबकि वह पढ़ाई में मेधावी रही है और जमा एक में उसने 86 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। वह आगे पढ़ना चाहती थी लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उसका विवाह तय कर दिया गया।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, आशा कार्यकर्ताओं और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया था। टीम ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया।
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विशेष बात यह रही कि लड़की ने खुद हिम्मत दिखाते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर अपनी मां और नानी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला प्रभारी मनमोहन चौधरी ने बताया कि उन्होंने स्वयं स्कूल के प्रधानाचार्य से बातचीत कर दाखिले की पुष्टि की है। साथ ही, संबंधित क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर लड़की की 18 वर्ष की आयु तक निगरानी करेंगे। इसके बाद उसकी इच्छा के अनुसार ही विवाह किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार 15 वर्षीय लड़की का विवाह परिजनों द्वारा तय किया गया था, जबकि वह पढ़ाई में मेधावी रही है और जमा एक में उसने 86 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। वह आगे पढ़ना चाहती थी लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उसका विवाह तय कर दिया गया।
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मामले की सूचना मिलने पर पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, आशा कार्यकर्ताओं और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया था। टीम ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया।
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विशेष बात यह रही कि लड़की ने खुद हिम्मत दिखाते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर अपनी मां और नानी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला प्रभारी मनमोहन चौधरी ने बताया कि उन्होंने स्वयं स्कूल के प्रधानाचार्य से बातचीत कर दाखिले की पुष्टि की है। साथ ही, संबंधित क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर लड़की की 18 वर्ष की आयु तक निगरानी करेंगे। इसके बाद उसकी इच्छा के अनुसार ही विवाह किया जाएगा।