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ओलावृष्टि से तवाह हुई नकदी फसलों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
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बैजनाथ क्षेत्र में ओलावृष्टि से खराब हुई प्याज की फसल।
- फोटो : Kangra
बैजनाथ (कांगड़ा)। गांव बूहली कोठी, वकेहड, कोहली रेज, गघमाल के किसानों ने एसडीएम सलीम आजम को ज्ञापन सौंपकर ओलावृष्टि और भारी बारिश से नष्ट हुई गेहूं और नगदी फसलों का मुआवजा प्रदान करने का आग्रह किया है।
किसान सभा के सदस्य अशोक कुमार, नरेंद्र कुमार, तुलसी राम, शक्ति चंद, देशराज, राकेश कुमार, सुरेश कुमार, तिलक, राजेंद्र कुमार, पवन, केहर, अनिल, जीवन व रमेश कुमार आदि पांच दर्जन से अधिक किसानों ने ज्ञापन में कहा है कि नौ मई को हुई भारी ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण उनकी गेहूं की फसल के साथ-साथ देसी खीरे, बैंगन, आलू, प्याज, लहसुन, घीया की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इस क्षेत्र में 200 कनाल से अधिक जमीन पर पांच दर्जन से अधिक किसानों की ओर से इन नगदी फसलों की पैदावार की जाती है। यहां के देसी खीरे को कृषि विभाग से जीआई टैग करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
किसानों का कहना है कि उनकी आजीविका इन्हीं फसलों पर निर्भर करती है और फसलों के बर्बाद हो जाने से उन्हें अब रोजी-रोटी की समस्या से परेशान होना पड़ेगा। किसान सभा ने सचिव कृषि विभाग से इन पारंपरिक फसलों का बीमा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। किसानों ने राजस्व और कृषि विभाग के प्रतिनिधियों से मौके का दौरा करवा कर उचित सहायता करने का आग्रह किया है।
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किसान सभा के सदस्य अशोक कुमार, नरेंद्र कुमार, तुलसी राम, शक्ति चंद, देशराज, राकेश कुमार, सुरेश कुमार, तिलक, राजेंद्र कुमार, पवन, केहर, अनिल, जीवन व रमेश कुमार आदि पांच दर्जन से अधिक किसानों ने ज्ञापन में कहा है कि नौ मई को हुई भारी ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण उनकी गेहूं की फसल के साथ-साथ देसी खीरे, बैंगन, आलू, प्याज, लहसुन, घीया की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इस क्षेत्र में 200 कनाल से अधिक जमीन पर पांच दर्जन से अधिक किसानों की ओर से इन नगदी फसलों की पैदावार की जाती है। यहां के देसी खीरे को कृषि विभाग से जीआई टैग करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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किसानों का कहना है कि उनकी आजीविका इन्हीं फसलों पर निर्भर करती है और फसलों के बर्बाद हो जाने से उन्हें अब रोजी-रोटी की समस्या से परेशान होना पड़ेगा। किसान सभा ने सचिव कृषि विभाग से इन पारंपरिक फसलों का बीमा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। किसानों ने राजस्व और कृषि विभाग के प्रतिनिधियों से मौके का दौरा करवा कर उचित सहायता करने का आग्रह किया है।
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