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Kangra News: स्टॉक और ऋण का बीमा न करने पर ब्याज सहित राशि देगा बैंक
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धर्मशाला। बैंक की ओर से उपभोक्ता के स्टॉक और ऋण का इंश्योरेंस न करने पर छह फीसदी ब्याज सहित 47,47,349 रुपये ग्राहक को देने होंगे। बैंक को 50 हजार रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये मुकदमा फीस भी उपभोक्ता को देनी होगी।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने अशोक कुमार निवासी कांगड़ा की ओर से दर्ज करवाई गई शिकायत पर यह फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि उन्होंने एसबीआई शाखा कांगड़ा के प्रबंधक से अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए ऋण के लिए संपर्क किया था। इस पर बैंक की ओर से ऋण प्रदान किया गया और बताया गया कि स्टॉक के साथ ऋण राशि का बीमा अनिवार्य है। इस पर बैंक प्रबंधन ने स्टॉक के साथ ऋण का बीमा कर दिया है।
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इसकी राशि बैंक खाते के चालू रहने तक खाते से डेबिट की जाती है, जिस पर शिकायतकर्ता सहमत हो गए थे और दस्तावेज की पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी। इसके बाद 21 अगस्त 2023 को उनके व्यावसायिक स्थल में आग लग गई और आग में पूरा स्टॉक और दुकान जल गई।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने कई बार बैंक प्रबंधन से संपर्क किया लेकिन उनके अनुरोध को टाल दिया गया। इसके बाद उन्होंने बैंक से अपने दावे की स्थिति लिखित रूप में बताने के लिए कहा, जिस पर उन्हें पता चला कि स्टॉक और ऋण का बीमा नहीं किया है।
इससे शिकायतकर्ता को स्टॉक की 50,47,349 रुपये और पांच लाख रुपये का व्यावसायिक नुकसान हुआ। इस पर शिकायतकर्ता ने सेवाओं में कमी पर उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई। आयोग ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
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जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने अशोक कुमार निवासी कांगड़ा की ओर से दर्ज करवाई गई शिकायत पर यह फैसला सुनाया है।
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शिकायतकर्ता ने कहा था कि उन्होंने एसबीआई शाखा कांगड़ा के प्रबंधक से अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए ऋण के लिए संपर्क किया था। इस पर बैंक की ओर से ऋण प्रदान किया गया और बताया गया कि स्टॉक के साथ ऋण राशि का बीमा अनिवार्य है। इस पर बैंक प्रबंधन ने स्टॉक के साथ ऋण का बीमा कर दिया है।
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इसकी राशि बैंक खाते के चालू रहने तक खाते से डेबिट की जाती है, जिस पर शिकायतकर्ता सहमत हो गए थे और दस्तावेज की पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी। इसके बाद 21 अगस्त 2023 को उनके व्यावसायिक स्थल में आग लग गई और आग में पूरा स्टॉक और दुकान जल गई।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने कई बार बैंक प्रबंधन से संपर्क किया लेकिन उनके अनुरोध को टाल दिया गया। इसके बाद उन्होंने बैंक से अपने दावे की स्थिति लिखित रूप में बताने के लिए कहा, जिस पर उन्हें पता चला कि स्टॉक और ऋण का बीमा नहीं किया है।
इससे शिकायतकर्ता को स्टॉक की 50,47,349 रुपये और पांच लाख रुपये का व्यावसायिक नुकसान हुआ। इस पर शिकायतकर्ता ने सेवाओं में कमी पर उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई। आयोग ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।