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Kangra News: छह साल से अधिक समय से जेल में बंद आरोपी की जमानत खारिज

Wed, 12 Aug 2026 07:15 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Wed, 12 Aug 2026 07:15 AM IST
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Bail rejected for accused imprisoned for over six years.
धर्मशाला। विशेष न्यायाधीश-तृतीय धर्मशाला शीतल शर्मा की अदालत ने एनडीपीएस मामले में छह साल आठ माह से जेल में बंद आरोपी राकेश कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 479 के तहत लंबे समय से जेल में रहने का लाभ एनडीपीएस अधिनियम की धारा-37 में निर्धारित जमानत की अनिवार्य शर्तों को खत्म नहीं करता।
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राकेश कुमार निवासी सूरजपुर (इंदौरा) ने वर्ष 2019 में डमटाल थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जमानत के लिए आवेदन किया था। आरोपी ने अदालत में दलील दी कि वह पहली बार किसी आपराधिक मामले में आरोपी बना है। उसके पास से मादक पदार्थ की कोई सीधी बरामदगी नहीं हुई थी। उसने यह भी कहा कि वह छह साल, आठ माह और 14 दिन से धर्मशाला जेल में बंद है और एक-तिहाई सजा की अवधि पूरी कर चुका है।
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राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि एनडीपीएस के मामलों में धारा 37 के तहत जमानत की कड़ी शर्तें लागू होती हैं। केवल लंबी अवधि तक जेल में रहने से जमानत का स्वतः अधिकार नहीं बन जाता।
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अदालत ने पाया कि मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और केस फैसले के अंतिम चरण में है। ऐसे में आरोपी की स्थिति अब विचाराधीन कैदी से बदलकर फैसले की प्रतीक्षा कर रहे व्यक्ति की हो गई है। सभी तथ्यों को देखते हुए अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत आवेदन पर की गई टिप्पणियों का मुख्य मामले में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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