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Kangra News: आयुष सेंटर अब कहलाएंगे आयुष्मान आरोग्य मंदिर
Fri, 11 Apr 2025 01:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 11 Apr 2025 01:00 AM IST
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धर्मशाला में एमडीआर टीबी के परिवारों के लिए पोषण सहायता शुभारभ पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर
धर्मशाला। आयुष आरोग्य सेंटर अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर कहलाएंगे। यह बात धर्मशाला अस्पताल के मीटिंग हॉल में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएमओ डॉ. राजेश गुलेरी ने कही। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सातवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य जांच आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। बैठक का संचालन जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने किया। इस दौरान सीएमओ ने एमडीआर टीबी के परिवारों के लिए पोषण सहायता का शुभारंभ किया।
डॉ. गुलेरी ने बताया कि जिला कांगड़ा में एक अनूठी पहल के चलते बैजनाथ से निक्षय मित्र दर्पण सूद ने 13 एमडीआर टीबी के रोगियों के 38 परिवार सदस्यों के लिए निक्षय पोषण किटें भेंट कीं। बैठक के दौरान विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला स्तरीय जागरूकता शिविर आयोजित किया। डॉ. गुलेरी ने बताया कि भारत की कुल ग्रामीण आबादी में से लगभग 40 से 45 प्रतिशत मुंह के रोगों से पीड़ित हैं। लगभग 13 व्यक्ति प्रति लाख आबादी के हिसाब से मुख कैंसर लक्षणों से युक्त हैं। मौखिक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता जन्म से लेकर अंतिम समय तक रहती है, जिसमें मुंह की उचित देखरेख, संतुलित आहार, शराब और तंबाकू पदार्थों का प्रयोग न करना प्रमुख है। मुंह के स्वास्थ्य के लिए उचित रूप से ब्रशिंग, आईने के सामने खड़े होकर अपने मुंह को खोलकर मुंह की स्वयं जांच कर सकते हैं। इस दौरान यदि कोई अवांछित लक्षण जैसे छाले, सूजन दिखे तो तुरंत इसकी जांच करवाएं।
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डॉ. गुलेरी ने बताया कि जिला कांगड़ा में एक अनूठी पहल के चलते बैजनाथ से निक्षय मित्र दर्पण सूद ने 13 एमडीआर टीबी के रोगियों के 38 परिवार सदस्यों के लिए निक्षय पोषण किटें भेंट कीं। बैठक के दौरान विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला स्तरीय जागरूकता शिविर आयोजित किया। डॉ. गुलेरी ने बताया कि भारत की कुल ग्रामीण आबादी में से लगभग 40 से 45 प्रतिशत मुंह के रोगों से पीड़ित हैं। लगभग 13 व्यक्ति प्रति लाख आबादी के हिसाब से मुख कैंसर लक्षणों से युक्त हैं। मौखिक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता जन्म से लेकर अंतिम समय तक रहती है, जिसमें मुंह की उचित देखरेख, संतुलित आहार, शराब और तंबाकू पदार्थों का प्रयोग न करना प्रमुख है। मुंह के स्वास्थ्य के लिए उचित रूप से ब्रशिंग, आईने के सामने खड़े होकर अपने मुंह को खोलकर मुंह की स्वयं जांच कर सकते हैं। इस दौरान यदि कोई अवांछित लक्षण जैसे छाले, सूजन दिखे तो तुरंत इसकी जांच करवाएं।
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