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Kangra News: मारपीट मामला में दोषी की अपील खारिज, जेल जाने से मिली राहत
Mon, 08 Jun 2026 05:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 08 Jun 2026 05:45 AM IST
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धर्मशाला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (धर्मशाला) चिराग भानु सिंह की अदालत ने मारपीट और घर में घुसकर हमले के दोषी की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है, लेकिन आरोपी की आयु और परिस्थितियों को देखते हुए उसे परिवीक्षा अधिनियम (प्रोबेशन) का लाभ प्रदान किया है।
29 अगस्त 2014 को कांगड़ा में एक व्यक्ति ने आरोपी को लकड़ी के डंडे से दूसरे व्यक्ति की बुरी तरह पिटाई करते देखा था। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। ठोस साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, कांगड़ा) ने आरोपी को धारा 325, 323 और 451 के तहत तीन साल कठोर कारावास और 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी, जिसे उसने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
सत्र न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोषसिद्धि साक्ष्यों से पूरी तरह सिद्ध है। हालांकि कोर्ट ने राहत देते हुए आदेश दिया कि आरोपी को दो वर्ष तक शांति और सदाचार बनाए रखने के लिए जमानती बंधपत्र (बॉन्ड) भरना होगा। यदि वह इस दौरान किसी अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसे मूल सजा भुगतनी होगी। साथ ही, कोर्ट ने आरोपी से वसूले गए जुर्माने में से 50 हजार रुपये पीड़ित को बतौर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
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29 अगस्त 2014 को कांगड़ा में एक व्यक्ति ने आरोपी को लकड़ी के डंडे से दूसरे व्यक्ति की बुरी तरह पिटाई करते देखा था। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। ठोस साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, कांगड़ा) ने आरोपी को धारा 325, 323 और 451 के तहत तीन साल कठोर कारावास और 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी, जिसे उसने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
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सत्र न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोषसिद्धि साक्ष्यों से पूरी तरह सिद्ध है। हालांकि कोर्ट ने राहत देते हुए आदेश दिया कि आरोपी को दो वर्ष तक शांति और सदाचार बनाए रखने के लिए जमानती बंधपत्र (बॉन्ड) भरना होगा। यदि वह इस दौरान किसी अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसे मूल सजा भुगतनी होगी। साथ ही, कोर्ट ने आरोपी से वसूले गए जुर्माने में से 50 हजार रुपये पीड़ित को बतौर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
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