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Kangra News: बरसात शुरू होते ही डायरिया की चपेट में आने लगे लोग
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बरसात शुरू होते ही डायरिया की चपेट में आने लगे लोग
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में जून में पहुंचे 150 रोगी
विभाग की ओर से जिले में शुरू किया स्टॉप डायरिया अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। बरसात का मौसम शुरू होते ही डायरिया के मामले भी बढ़ना शुरू हो गए हैं। रोजाना अस्पतालों में डायरिया से ग्रसित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। केवल धर्मशाला अस्पताल में ही जून में डायरिया के 150 से अधिक मामले पहुंचे हैं। वहीं, बरसात के मौसम में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। इसके अलावा जिले के अन्य अस्पतालों में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान के कारण लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। बरसात के दौरान जल स्रोतों में गंदगी घुलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे पीने का पानी दूषित हो जाता है। सड़क किनारे खुले में बिकने वाला खाना, अधपकी सब्जियां और बिना धोए फल खाने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डायरिया के मुख्य लक्षणों में बार-बार पतले दस्त आना, पेट में मरोड़, उल्टी, कमजोरी और कभी-कभी बुखार शामिल हैं।
यदि यह समस्या दो दिन से अधिक बनी रहे या शरीर में पानी की कमी महसूस हो, तो बिना देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डायरिया की समस्या सबसे अधिक छोटे बच्चों में होती है, क्योंकि वे सही से अपने हाथों को नहीं धोते हैं और न साफ या उबला पानी पीते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले भर में स्टॉप डायरिया अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत आशा वर्कर घर-घर जाकर छोटे बच्चों की जांच करेंगी और उन्हें ओआरएस और जिंक की गोलियां वितरित कर रही हैं। साथ ही अभिभावकों को साफ-सफाई का ध्यान रखने के लिए भी जागरूक कर रही हैं।
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ऐसे कर सकते हैं बचाव
डायरिया से बचाव के लिए साफ और उबला हुआ पानी पीना चाहिए। बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए और घर में सब्जियों और फलों को अच्छे से धोकर ही खाना चाहिए। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का इस मौसम में ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। दस्त की स्थिति में तुरंत ओआरएस का घोल लेना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
धर्मशाला अस्पताल में जून में औसतन 150 डायरिया के मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। बरसात के मौसम में यह संख्या और भी बढ़ जाती है। इस दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
- डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में जून में पहुंचे 150 रोगी
विभाग की ओर से जिले में शुरू किया स्टॉप डायरिया अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। बरसात का मौसम शुरू होते ही डायरिया के मामले भी बढ़ना शुरू हो गए हैं। रोजाना अस्पतालों में डायरिया से ग्रसित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। केवल धर्मशाला अस्पताल में ही जून में डायरिया के 150 से अधिक मामले पहुंचे हैं। वहीं, बरसात के मौसम में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। इसके अलावा जिले के अन्य अस्पतालों में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान के कारण लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। बरसात के दौरान जल स्रोतों में गंदगी घुलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे पीने का पानी दूषित हो जाता है। सड़क किनारे खुले में बिकने वाला खाना, अधपकी सब्जियां और बिना धोए फल खाने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डायरिया के मुख्य लक्षणों में बार-बार पतले दस्त आना, पेट में मरोड़, उल्टी, कमजोरी और कभी-कभी बुखार शामिल हैं।
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यदि यह समस्या दो दिन से अधिक बनी रहे या शरीर में पानी की कमी महसूस हो, तो बिना देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डायरिया की समस्या सबसे अधिक छोटे बच्चों में होती है, क्योंकि वे सही से अपने हाथों को नहीं धोते हैं और न साफ या उबला पानी पीते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले भर में स्टॉप डायरिया अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत आशा वर्कर घर-घर जाकर छोटे बच्चों की जांच करेंगी और उन्हें ओआरएस और जिंक की गोलियां वितरित कर रही हैं। साथ ही अभिभावकों को साफ-सफाई का ध्यान रखने के लिए भी जागरूक कर रही हैं।
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ऐसे कर सकते हैं बचाव
डायरिया से बचाव के लिए साफ और उबला हुआ पानी पीना चाहिए। बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए और घर में सब्जियों और फलों को अच्छे से धोकर ही खाना चाहिए। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का इस मौसम में ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। दस्त की स्थिति में तुरंत ओआरएस का घोल लेना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
धर्मशाला अस्पताल में जून में औसतन 150 डायरिया के मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। बरसात के मौसम में यह संख्या और भी बढ़ जाती है। इस दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
- डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला