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स्क्रब टायफस से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध : सीएमओ

Tue, 08 Sep 2026 01:48 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 01:48 AM IST
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Adequate medicines available to tackle scrub typhus: CMO
धर्मशाला। प्रदेश के कई क्षेत्रों में स्क्रब टायफस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला कांगड़ा में अलर्ट जारी कर दिया है। संभावित खतरे को देखते हुए विभाग ने रोकथाम और उपचार से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान नमी और जलभराव के चलते जलजनित व कीट जनित रोगों में तेजी से इजाफा होता है जिसमें स्क्रब टायफस एक गंभीर बीमारी के रूप में उभरता है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. ओमेश भारती ने बताया कि जिले में फिलहाल स्क्रब टायफस का कोई मामला सामने नहीं आया है पर विभाग पूरी तरह सतर्क है। स्क्रब टायफस के बुखार में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक एंटीबायोटिक दवाइयां एजिथ्रोमाइसिन और डॉक्सीसाइक्लीन जिले के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवा दी गई हैं।
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बीमारी पनपने के कारण
स्क्रब टायफस बरसात के मौसम में तेजी से पनपने वाला गंभीर जीवाणु संक्रमण है। यह रोग ''रिकेटशिया'' नामक खतरनाक जीवाणु से युक्त संक्रमित माइट (पिस्सू या कीट) के काटने से फैलता है। यह पिस्सू खेतों, झाड़ियों और घनी घास में रहने वाले चूहों के शरीर पर पनपता है। जब यह कीट व्यक्ति की त्वचा पर काटता है, तो जीवाणु खून में प्रवेश कर तेज बुखार और संक्रमण का कारण बनते हैं।
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प्रमुख लक्षण
104 से 105 डिग्री फॉरेनहाइट तक लगातार तेज बुखार
कंपकंपी के साथ बुखार आना और जोड़ों व मांसपेशियों में असहनीय दर्द
पूरे शरीर में अत्यधिक अकड़न, थकान और कमजोरी महसूस होना
बाजुओं के नीचे और कूल्हों के ऊपरी हिस्से में दर्दनाक गिल्टियां उभरना
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बचाव के उपाय
सफाई रखें: घर और कार्यस्थल के आसपास जंगली घास, झाड़ियों और खरपतवार को न उगने दें।
जलभराव रोकें: घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें और नियमित कीटनाशकों का छिड़काव करें।
पूरी आस्तीन के कपड़े: खेतों या घास वाले इलाकों में काम करते समय शरीर, हाथ और पैरों को पूरी तरह ढक कर रखें।
पशुशाला की स्वच्छता: मवेशियों के बांधने के स्थान को नियमित साफ और सूखा रखें, ताकि चूहों व पिस्सू का प्रकोप न हो।
समय पर जांच: लक्षण दिखाई देते ही घरेलू इलाज में वक्त गंवाने के बजाय नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर तुरंत खून की जांच करवाएं।
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