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काम टालने वाले पंचायत सचिवों प्रधानों पर होगी कार्रवाई : बराड़
Thu, 15 May 2025 01:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 15 May 2025 01:30 AM IST
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धर्मशाला। जिला परिषद कांगड़़ा के चेयरमैन रमेश बराड़ ने कहा कि पंचायत सचिवों और प्रधानों की लापरवाही के कारण जिला पार्षदों के लगभग 80 फीसदी विकास कार्य ठप पड़े हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि एक जून से सभी जिला पार्षद अपनी-अपनी पंचायतों में बैठकें करेंगे और कार्य न करने वाले प्रधानों और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बुधवार को धर्मशाला में आयोजित जिला परिषद सदस्यों की बैठक में विकास कार्यों में लेटलतीफी के मुद्दे को लेकर खूब चर्चा हुई। सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 से लेकर अब तक जिला परिषदों द्वारा पंचायतों को जारी की गई राशि के बावजूद कई स्थानों पर कार्य शुरू नहीं किए गए हैं।
चेयरमैन रमेश बराड़ ने कहा कि जिन पंचायतों में पैसा जारी होने के बाद भी कार्य नहीं हुए हैं, वहां से धनराशि वापस ली जाएगी और उसे दोबारा जारी कर निश्चित समय में कार्य पूर्ण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए कि वे जिला पार्षदों द्वारा सुझाए गए कार्यों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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जिला परिषद की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्षदों का कार्यकाल अब केवल 5 से 6 महीने ही शेष है, ऐसे में वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बजट को तुरंत जारी किया जाए, ताकि पंचायतों में लंबित विकास कार्यों को गति मिल सके। बैठक में जिला पार्षदों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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उन्होंने चेतावनी दी कि एक जून से सभी जिला पार्षद अपनी-अपनी पंचायतों में बैठकें करेंगे और कार्य न करने वाले प्रधानों और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बुधवार को धर्मशाला में आयोजित जिला परिषद सदस्यों की बैठक में विकास कार्यों में लेटलतीफी के मुद्दे को लेकर खूब चर्चा हुई। सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 से लेकर अब तक जिला परिषदों द्वारा पंचायतों को जारी की गई राशि के बावजूद कई स्थानों पर कार्य शुरू नहीं किए गए हैं।
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चेयरमैन रमेश बराड़ ने कहा कि जिन पंचायतों में पैसा जारी होने के बाद भी कार्य नहीं हुए हैं, वहां से धनराशि वापस ली जाएगी और उसे दोबारा जारी कर निश्चित समय में कार्य पूर्ण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए कि वे जिला पार्षदों द्वारा सुझाए गए कार्यों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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जिला परिषद की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्षदों का कार्यकाल अब केवल 5 से 6 महीने ही शेष है, ऐसे में वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बजट को तुरंत जारी किया जाए, ताकि पंचायतों में लंबित विकास कार्यों को गति मिल सके। बैठक में जिला पार्षदों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।