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Kangra News: ट्रांसपोर्टर से 13.85 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
Tue, 15 Oct 2024 09:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 15 Oct 2024 09:32 AM IST
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धर्मशाला। पुलिस थाना नगरोटा बगवां के अंतर्गत फ्रूट ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर ट्रांसपोर्टर से 13.85 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में एक आरोपी ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। आरोपी को न्यायालय ने ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा है। कांगड़ा पुलिस मामले की जांच को लेकर आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेगी।
आरोपी की पहले जिला न्यायालय और बाद में प्रदेश उच्च न्यायालय ने जमानत की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए गया था, लेकिन बाद में वहां से याचिका वापस ले ली। इसके बाद अब आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इस मामले में कांगड़ा पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में नगरोटा बगवां के ट्रांसपोर्टर पवन सोनी की क्षेत्र के ही अनुज ने फ्रूट ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर मुंबई सर्वदमन सिंह सिसौदिया से मुलाकात करवाई थी। इस दौरान आरोपी ने ट्रांसपोर्टर को फ्रूट ट्रेडिंग कंपनी बनाने का लालच दिया था। इसमें ट्रांसपोर्टर को 60 प्रतिशत हिस्सेदारी की पेशकश की थी।
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इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर 10 से 11 महीनों में लगभग 13.85 करोड़ रुपये का निवेश किया। जब अगले सात वर्षों तक कोई रिटर्न दिखाई नहीं दिया तो ट्रांसपोर्टर को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद अप्रैल 2024 में नगरोटा बगवां पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।
मामले की जांच में जुटी पुलिस ने आरोपी सर्वदमन को जुलाई में चंडीगढ़ के एक प्रसिद्ध अस्पताल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने धर्मशाला निवासी एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया। वहीं, मामले में तीसरा आरोपी नगरोटा बगवां निवासी अनुज पुलिस से बचने के लिए अग्रिम जमानत के लिए न्यायालयों के चक्कर काट रहा था, लेकिन अब उसने भी सरेंडर कर दिया है।
उधर, एएसपी कांगड़ा हितेश लखनपाल ने बताया कि नगरोटा बगवां के ट्रांसपोर्टर से ठगी मामले में एक और आरोपी अनुज ने सरेंडर कर दिया है। न्यायालय ने आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा है। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय से आग्रह किया जाएगा।
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आरोपी की पहले जिला न्यायालय और बाद में प्रदेश उच्च न्यायालय ने जमानत की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए गया था, लेकिन बाद में वहां से याचिका वापस ले ली। इसके बाद अब आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इस मामले में कांगड़ा पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में नगरोटा बगवां के ट्रांसपोर्टर पवन सोनी की क्षेत्र के ही अनुज ने फ्रूट ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर मुंबई सर्वदमन सिंह सिसौदिया से मुलाकात करवाई थी। इस दौरान आरोपी ने ट्रांसपोर्टर को फ्रूट ट्रेडिंग कंपनी बनाने का लालच दिया था। इसमें ट्रांसपोर्टर को 60 प्रतिशत हिस्सेदारी की पेशकश की थी।
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इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर 10 से 11 महीनों में लगभग 13.85 करोड़ रुपये का निवेश किया। जब अगले सात वर्षों तक कोई रिटर्न दिखाई नहीं दिया तो ट्रांसपोर्टर को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद अप्रैल 2024 में नगरोटा बगवां पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।
मामले की जांच में जुटी पुलिस ने आरोपी सर्वदमन को जुलाई में चंडीगढ़ के एक प्रसिद्ध अस्पताल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने धर्मशाला निवासी एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया। वहीं, मामले में तीसरा आरोपी नगरोटा बगवां निवासी अनुज पुलिस से बचने के लिए अग्रिम जमानत के लिए न्यायालयों के चक्कर काट रहा था, लेकिन अब उसने भी सरेंडर कर दिया है।
उधर, एएसपी कांगड़ा हितेश लखनपाल ने बताया कि नगरोटा बगवां के ट्रांसपोर्टर से ठगी मामले में एक और आरोपी अनुज ने सरेंडर कर दिया है। न्यायालय ने आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा है। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय से आग्रह किया जाएगा।