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छात्र विरोधी नीतियां अब बर्दाश्त नहीं होंगी : अंकित
Wed, 23 Jul 2025 07:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 23 Jul 2025 07:30 AM IST
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कृषि विवि पालमपुर में कुलपति को ज्ञापन सौंपते एबीवीपी के कार्यकर्ता। -स्रोत : संगठन
पालमपुर (कांगड़ा)। एबीवीपी कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर इकाई ने कुलपति के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें मुख्यमंत्री से शिक्षा और छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों के त्वरित समाधान की मांग की। छात्र संगठन ने कहा कि शिक्षा विरोधी नीतियों का अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इकाई सचिव अंकित कौंडल ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में लिए गए कई निर्णय छात्रविरोधी सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की बुनियादी संरचना बदहाल है। मूल्यांकन प्रणाली में अव्यवस्था बनी हुई है और छात्र संघ चुनाव लगातार टाले जा रहे हैं। इससे छात्र समुदाय में असंतोष गहराता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार बहाल करना बेहद जरूरी है ताकि वे अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठा सकें। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के धीमे क्रियान्वयन, मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता की कमी, रैगिंग और नशा तस्करी पर प्रशासन की ढीली पकड़ और शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों की अधिकता ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
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इस अवसर पर विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाई गई कई मांगों पर कार्य प्रगति पर है और शेष सभी मुद्दों को जल्द ही मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
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इकाई सचिव अंकित कौंडल ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में लिए गए कई निर्णय छात्रविरोधी सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की बुनियादी संरचना बदहाल है। मूल्यांकन प्रणाली में अव्यवस्था बनी हुई है और छात्र संघ चुनाव लगातार टाले जा रहे हैं। इससे छात्र समुदाय में असंतोष गहराता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार बहाल करना बेहद जरूरी है ताकि वे अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठा सकें। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के धीमे क्रियान्वयन, मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता की कमी, रैगिंग और नशा तस्करी पर प्रशासन की ढीली पकड़ और शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों की अधिकता ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
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इस अवसर पर विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाई गई कई मांगों पर कार्य प्रगति पर है और शेष सभी मुद्दों को जल्द ही मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।