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प्रबंधन-कर्मचारी की लड़ाई में पिसी जनता
Kangra
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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धर्मशाला। हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों का वर्क-टू-रूल वीरवार को भी धर्मशाला डिवीजन में सौ से अधिक बस रूट निगल गया। परिवहन कर्मचारियों की आठ घंटे ड्यूटी के कारण तीसरे दिन भी यात्रियों की मुसीबतें बरकरार रहीं। एचआरटीसी प्रबंधन और परिवहन कर्मचारियों की आपसी लड़ाई में बसों में सफर करने वाली जनता पिस रही है।
धर्मशाला बस डिपो के 44 बस रूट, बैजनाथ में 40, पालमपुर में 30 तथा पठानकोट बस डिपो के एक दर्जन बस रूट प्रभावित हुए हैं। धर्मशाला डिवीजन के तहत आने वाले चंबा बस डिपो में भी कई बस रूट प्रभावित हुए। वीरवार को भी कांगड़ा जिले के विभिन्न ग्रामीण रूटों पर इक्का-दुक्का बसें ही दौड़ती नजर आईं। इस वजह से ग्रामीणों को मीलों तक पैदल सफर तय करना पड़ा। वहीं कुछ लोगों को टैक्सी के लिए जेबें ढीलीं करनी पड़ीं। कालेज में पढ़ने वाले छात्रों को बस पास होने के बावजूद निजी बसों में सफर करना पड़ा। धर्मशाला कालेज में शिक्षा ग्रहण करने वाले सुशील कुमार, दिनेश, प्रिया, सपना, सुमन, दीक्षा, राहुल, अभिषेक ने बताया कि नगरोटा सूरियां से धर्मशाला कालेज में शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्होंने बताया कि बस पास के बावजूद उन्हें निजी बसों में किराया देकर कालेज पहुंचना पड़ रहा है।
परिवहन कर्मचारी महासंघ के राज्य उपाध्यक्ष प्रदीप बलोरिया और महामंत्री जगरूप सिंह तथा इकाई महासचिव रविंद्र सिंह जाट ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उधर, एचआरटीसी धर्मशाला डिवीजन के प्रबंधक ने बताया कि धर्मशाला, बैजनाथ, पालमपुर, पठानकोट तथा चंबा इन पांचों बस डिपुओं में सौ से अधिक बस रूट प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्क-टू-रूल के बावजूद परिवहन सेवाएं सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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धर्मशाला बस डिपो के 44 बस रूट, बैजनाथ में 40, पालमपुर में 30 तथा पठानकोट बस डिपो के एक दर्जन बस रूट प्रभावित हुए हैं। धर्मशाला डिवीजन के तहत आने वाले चंबा बस डिपो में भी कई बस रूट प्रभावित हुए। वीरवार को भी कांगड़ा जिले के विभिन्न ग्रामीण रूटों पर इक्का-दुक्का बसें ही दौड़ती नजर आईं। इस वजह से ग्रामीणों को मीलों तक पैदल सफर तय करना पड़ा। वहीं कुछ लोगों को टैक्सी के लिए जेबें ढीलीं करनी पड़ीं। कालेज में पढ़ने वाले छात्रों को बस पास होने के बावजूद निजी बसों में सफर करना पड़ा। धर्मशाला कालेज में शिक्षा ग्रहण करने वाले सुशील कुमार, दिनेश, प्रिया, सपना, सुमन, दीक्षा, राहुल, अभिषेक ने बताया कि नगरोटा सूरियां से धर्मशाला कालेज में शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्होंने बताया कि बस पास के बावजूद उन्हें निजी बसों में किराया देकर कालेज पहुंचना पड़ रहा है।
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परिवहन कर्मचारी महासंघ के राज्य उपाध्यक्ष प्रदीप बलोरिया और महामंत्री जगरूप सिंह तथा इकाई महासचिव रविंद्र सिंह जाट ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उधर, एचआरटीसी धर्मशाला डिवीजन के प्रबंधक ने बताया कि धर्मशाला, बैजनाथ, पालमपुर, पठानकोट तथा चंबा इन पांचों बस डिपुओं में सौ से अधिक बस रूट प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्क-टू-रूल के बावजूद परिवहन सेवाएं सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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