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Kangra News: कांगड़ा में पहुंचा प्राकृतिक मक्की का 94 क्विंटल आटा
Sat, 31 Jan 2026 07:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 31 Jan 2026 07:03 AM IST
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा के उपभोक्ताओं के लिए राहत और महंगाई की मिली-जुली खबर है। सोलन से हिम भोग प्राकृतिक मक्की के आटे की 94 क्विंटल की पहली खेप जिला के गोदामों में पहुंच गई है। हालांकि इस बार खाद्य आपूर्ति निगम ने इसके दाम में 5 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। अब उचित मूल्य की दुकानों पर यह आटा 55 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगा, जो पिछले वर्ष 50 रुपये था।
जिला नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने पुष्टि की है कि सप्लाई पहुंच चुकी है और डिपो संचालकों की मांग के अनुसार इसे जल्द ही राशन की दुकानों पर उपलब्ध करवा दिया जाएगा। यह आटा 1 किलो और 5 किलो की पैकिंग में मिलेगा। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल जिला में 450 क्विंटल मक्की के आटे की खपत हुई थी, जिसमें शहरी क्षेत्रों की मांग सबसे अधिक रही थी।
दूसरी ओर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए यह सीजन मुनाफे वाला रहा है। आतमा परियोजना के तहत इस बार कांगड़ा के 109 किसानों से 40 रुपये प्रति किलो के दाम पर सीधे 205.82 क्विंटल मक्की खरीदी गई है। परियोजना निदेशक डॉ. राज कुमार भारद्वाज के अनुसार, बेहतर दाम मिलने से किसान अब प्राकृतिक फसल बेचने के प्रति अधिक उत्साहित हैं।
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जिला नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने पुष्टि की है कि सप्लाई पहुंच चुकी है और डिपो संचालकों की मांग के अनुसार इसे जल्द ही राशन की दुकानों पर उपलब्ध करवा दिया जाएगा। यह आटा 1 किलो और 5 किलो की पैकिंग में मिलेगा। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल जिला में 450 क्विंटल मक्की के आटे की खपत हुई थी, जिसमें शहरी क्षेत्रों की मांग सबसे अधिक रही थी।
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दूसरी ओर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए यह सीजन मुनाफे वाला रहा है। आतमा परियोजना के तहत इस बार कांगड़ा के 109 किसानों से 40 रुपये प्रति किलो के दाम पर सीधे 205.82 क्विंटल मक्की खरीदी गई है। परियोजना निदेशक डॉ. राज कुमार भारद्वाज के अनुसार, बेहतर दाम मिलने से किसान अब प्राकृतिक फसल बेचने के प्रति अधिक उत्साहित हैं।
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