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नगर निगम धर्मशाला है कि मानता नहीं
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:14 PM IST
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला खुद को सुर्खियों में लाने की कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। पहले बिना होम वर्क के अंडरग्राउंड डस्टबिन स्थापित कर दिए और अब लोगों की सुविधा के लिए रखे छोटे डस्टबिन भी जहां जगह मिली, वहीं स्थापित कर दिए हैं।
निगम की ओर से स्थापित इन डस्टबिनों से भले ही लोगों की भावनाएं आहत होती रहें, इससे निगम को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। ‘अमर उजाला’ ने 29 जुलाई के अंक में शहीद के बोर्ड के सामने रख दिया कूड़ेदान शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था, लेकिन इतना अरसा बीत जाने के बाद भी नगर निगम प्रशासन हरकत में नहीं आया है। निगम ने बार्ड नंबर 11 में रखे इस डस्टबिन को आज दिन तक वहां से नहीं हटाया है। वहीं, शहीद मेजर अभिजय थापा के पिता सुमेर थापा ने बताया कि नगर निगम के इस कृत्य से उनके शहीद बेटे की शहादत का अपमान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में शहीदों के नाम पर कई तरह के विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन धर्मशाला में शहीद के नाम पर लगे बोर्ड के नीचे डस्टबिन स्थापित कर उसे अपमानित किया जा रहा है। गौर रहे कि बरेली में सैकड़ों जिंदगियों को बचाने के लिए शहीद मेजर अभिजय थापा ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। बरेली स्थित आर्मी एविएशन बेस में एक अक्तूबर 2014 को ट्रेनिंग के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश में मेजर अभिजय थापा शहीद हुए थे। सैकड़ों जिंदगियों को बचाते हुए शहीद हुए मेजर अभिजय थापा की शहादत को देखते हुए केंद्र ने उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया था।
एमसी ने जताई थी अनभिज्ञता
इस संबंध में बात करने पर निगम की महापौर रजनी व्यास से इस डस्टबिन के वहां स्थापित होने की बात से अनभिज्ञता जताई थी और डस्टबिन को जल्द ही वहां से हटाने की बात कही थी, लेकिन, आज इतने दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम शहीद के बोर्ड के नीचे रखे डस्टबिन को नहीं उठाया है, जो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
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कोट
-मेरे ध्यान में मामला है। अगर शहीद के बोर्ड के नीचे रखे गए डस्टबिन को अभी तक नहीं हटाया गया है तो सफाई कर्मचारियों को पुन: डस्टबिन हटाने के निर्देश दिए जाएंगे।
- रजनी व्यास, महापौर, नगर निगम धर्मशाला
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निगम की ओर से स्थापित इन डस्टबिनों से भले ही लोगों की भावनाएं आहत होती रहें, इससे निगम को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। ‘अमर उजाला’ ने 29 जुलाई के अंक में शहीद के बोर्ड के सामने रख दिया कूड़ेदान शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था, लेकिन इतना अरसा बीत जाने के बाद भी नगर निगम प्रशासन हरकत में नहीं आया है। निगम ने बार्ड नंबर 11 में रखे इस डस्टबिन को आज दिन तक वहां से नहीं हटाया है। वहीं, शहीद मेजर अभिजय थापा के पिता सुमेर थापा ने बताया कि नगर निगम के इस कृत्य से उनके शहीद बेटे की शहादत का अपमान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में शहीदों के नाम पर कई तरह के विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन धर्मशाला में शहीद के नाम पर लगे बोर्ड के नीचे डस्टबिन स्थापित कर उसे अपमानित किया जा रहा है। गौर रहे कि बरेली में सैकड़ों जिंदगियों को बचाने के लिए शहीद मेजर अभिजय थापा ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। बरेली स्थित आर्मी एविएशन बेस में एक अक्तूबर 2014 को ट्रेनिंग के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश में मेजर अभिजय थापा शहीद हुए थे। सैकड़ों जिंदगियों को बचाते हुए शहीद हुए मेजर अभिजय थापा की शहादत को देखते हुए केंद्र ने उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया था।
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एमसी ने जताई थी अनभिज्ञता
इस संबंध में बात करने पर निगम की महापौर रजनी व्यास से इस डस्टबिन के वहां स्थापित होने की बात से अनभिज्ञता जताई थी और डस्टबिन को जल्द ही वहां से हटाने की बात कही थी, लेकिन, आज इतने दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम शहीद के बोर्ड के नीचे रखे डस्टबिन को नहीं उठाया है, जो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
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कोट
-मेरे ध्यान में मामला है। अगर शहीद के बोर्ड के नीचे रखे गए डस्टबिन को अभी तक नहीं हटाया गया है तो सफाई कर्मचारियों को पुन: डस्टबिन हटाने के निर्देश दिए जाएंगे।
- रजनी व्यास, महापौर, नगर निगम धर्मशाला