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पहले मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था करें, फिर देंगे जमीन

Wed, 20 Feb 2019 11:32 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Feb 2019 11:32 PM IST
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पहले मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था करें, फिर देंगे जमीन
पहले मुआवजा और पुनर्वास की
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व्यवस्था करें, फिर देंगे जमीन
फोरलेन प्रभावित संघर्ष समिति की दो टूक, शिलान्यास पर उठाए सवाल
मुआवजा देने के बजाय शिलान्यास करने की जल्दी न कर रही प्रदेश सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
जसूर (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी फोरलेन के शिलान्यास से पहले प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। अगर प्रभावितों को जमीन का मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था का प्रावधान नहीं होता है, जो भूमि का अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा। यह बात फोरलेन प्रभावित संघर्ष समिति नूरपुर के अध्यक्ष दरबारी लाल ने कही।

बुधवार को समिति की बैठक हुई। इसमें प्रभावितों की मांगों को अनदेखा करने के आरोप लगाए गए। उन्होंने हैरानी जताई कि फोरलेन से विस्थापित होने वाले लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अभी लोगों को पता ही नहीं है कि उनका कितना रिहायशी मकान और कारोबार उजड़ेगा, लेकिन दूसरी ओर केंद्र और प्रदेश सरकार मुआवजा देने के बजाय शिलान्यास करने की जल्दी में हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार की मंशा पर समिति सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि वन मंत्री गोबिंद ठाकुर की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में जिला स्तरीय फोरलेन समिति के गठन की बात हुई थी, लेकिन करीब छह माह बीतने पर अभी तक समितियां गठित नहीं हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में 24 फरवरी को शिलान्यास करवाना समझ से परे है, जिसे फोरलेन संघर्ष समिति सिरे से खारिज करती है। इस अवसर पर समिति के विजय सिंह हीर, डॉ अशोक शर्मा, बनारसी दास, बलदेव पठानिया, सुदर्शन शर्मा, ईश्वर सिंह आदि उपस्थित रहे।
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