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कांगड़ा में कानून व्यवस्था बदहाल

Sat, 05 May 2018 12:05 AM IST
Updated Sat, 05 May 2018 12:05 AM IST
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कांगड़ा में कानून व्यवस्था बदहाल
कांगड़ा में कानून व्यवस्था बदहाल, अपराधी बेखौफ
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सात दिन में दुराचार-अश्लील हरकतें करने के चार मामले दर्ज
गैंगरेप के आरोपी 7 दिन बाद भी पुलिस की पहुंच से दूर
विपिन चौधरी
धर्मशाला। बेटियों से लगातार हो रही दुराचार की घटनाओं ने हिमाचल में कानून व्यवस्था की स्थिति को विस्फोटक बना दिया है। पिछले वर्ष कोटखाई के गुड़िया प्रकरण के बाद हालात और भी बदतर हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह में कांगड़ा में ही दुराचार से संबंधित चार बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें पालमपुर सामूहिक बलात्कार कांड, नगरोटा सूरियां में छेड़छाड़ से तंग आकर छात्रा के स्वयं को आगे के हवाले करके प्राण गंवाने के अतिरिक्त नगरोटा बगवां में रिश्ते को तार-तार करने वाले चाचा की घिनौनी करतूत भी सामने आई है। वहीं, पालमपुर में तो एक नामी स्कूल के अध्यापक को छात्राओं के छेड़छाड़ के आरोप लगने के बाद उसे नौकरी से निष्कासित कर दिया गया। ये तमाम घटनाएं एक तरफ तो समाज के नैतिक पतन को सामने ला रही हैं तो वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन और सरकार को भी कठघरे में खड़ा कर रही हैं। कोटखाई प्रकरण में धरने प्रदर्शनों से लेकर आगजनी तक की हद लांघने वाले दल आज इन समस्त घटनाओं के बाद भी चुप हैं। इस चुप्पी पर यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या कोटखाई प्रकरण में तूफान मात्र चुनावों में लाभ लेने तक सीमित था और इनकी दृष्टि में नारी सम्मान या बेटी बचाओ नारा मात्र ढकोसला ही है? जिले में अपराधी बेखौफ होकर दुराचार की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की पहुंच से निकल भाग रहे हैं। अपराधी इतने शातिर और बेखौफ हैं कि उन्हें पुलिस प्रशासन का डर तक नहीं है। इसी का नतीजा है कि मात्र सात दिन में ही जिला कांगड़ा में एक गैंगरेप सहित दुराचार के दो मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा एक अन्य मामले में एक नाबालिग छात्रा ने युवक की छेड़खानी और फब्बितयों से तंग आकर आत्मदाह कर मौत को गले लगाया है। वहीं, शिक्षक पर भी अश्लील हरकतें करने का मामला तक सामने आया। हैरानी इस बात की है कि पालमपुर में 27 अप्रैल को हुए गैंगरेप के आरोपियों में से तीन युवक आज दिन तक पुलिस की पहुंच से दूर हैं। इस मामले में पुलिस अब तक मात्र दो नाबालिग युवकों को ही पकड़ने में कामयाब हुई है, जबकि एक व्यक्ति को अपराधियों को आर्थिक सहायता करने और उन्हें पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में गैंगरेप के दो आरोपी और एक पनाह देने वाला व्यक्ति होने के बावजूद गैंगरेप के अन्य आरोपी पूरी तरह से पुलिस को चकमा देने में कामयाब हुए हैं।

जिला में दुराचार और छेड़छाड़ के जो मामले दर्ज हुए हैं, वे कई महीनों से महिलाओं ने छिपा कर रखे थे। भले ही ऐसे दर्ज होने वाले मामलों की संख्या बढ़ जाए, लेकिन महिलाओं और युवतियों को इन मामलों को दबा कर नहीं रखना चाहिए। - संतोष पटियाल, एसपी कांगड़ा।
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