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अंधेरे में बरोट के 90 गांव, दूरसंचार सेवा भी पड़ी ठप
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पांच दिन से अंधेरे में बरोट के 90 गांव, दूरसंचार सेवा ठप
बर्फबारी का कहर : बैंकों में नहीं हो रहे काम, लोग परेशान
प्रशासन का नहीं हो पा रहा पटवारियों से संपर्क
अमर उजाला ब्यूरो
मुल्थान (कांगड़ा)। बर्फबारी के पांच दिन बाद भी जिला कांगड़ा की दुर्गम घाटी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बरोट के करीब 90 गांवों में पांच दिन से बिजली बंद है। इन गांवों के लोग अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। बिजली न होने से घाटी में बैंकों का काम नहीं हो पा रहा है। अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं। इन गांवों में दूरसंचार सेवा भी ठप हो गई है। इससे प्रशासन का पटवारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
हालांकि, सोमवार को बरोट-घटासनी मुख्य सड़क बड़े वाहनों के लिए खुल गई है। लेकिन, छोटे वाहन न चलने से अभी भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली बोर्ड सब डिवीजन के अधीन 83 ट्रांसफार्मर बंद हैं। गबाली से टीकन तक 11 केवी सब स्टेशन के तार और पोल टूट गए हैं। बरोट पंचायत की प्रधान रंजना देवी, मुल्थान पंचायत प्रधान सुरेंद्र कुमार, जिला परिषद सदस्य बीड़ भारत भूषण ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से घाटी में शीघ्र स्थिति ठीक करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है।
पटवारियों से नहीं हो पा रहा संपर्क
दूरसंचार की सेवा भी पांच दिन से बंद होने के कारण पटवारियों से संपर्क नहीं हो रहा है। अभी तक जानमाल की कोई सूचना नहीं है। मुलथान तहसील की दोनों मुख्य सड़कें मुल्थान-बड़ा गांव और बरोट-लोहारड़ी सड़क बंद है।
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- जगत राम, तहसीलदार मुल्थान तहसील
बिजली बहाल करने को हो रहा काम
घाटी में बिजली बहाल करने के लिए कर्मचारी काम कर रहे हैं। सोमवार तक बरोट सब डिवीजन में बिजली स्टोर हो जाएगी। टीकन 11 केवी सब स्टेशन में भी रविवार रात को बिजली स्टोर की गई थी।
- श्याम लाल बोध, एसडीओ विद्युत सब डिवीजन बरोट
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बर्फबारी का कहर : बैंकों में नहीं हो रहे काम, लोग परेशान
प्रशासन का नहीं हो पा रहा पटवारियों से संपर्क
अमर उजाला ब्यूरो
मुल्थान (कांगड़ा)। बर्फबारी के पांच दिन बाद भी जिला कांगड़ा की दुर्गम घाटी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बरोट के करीब 90 गांवों में पांच दिन से बिजली बंद है। इन गांवों के लोग अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। बिजली न होने से घाटी में बैंकों का काम नहीं हो पा रहा है। अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं। इन गांवों में दूरसंचार सेवा भी ठप हो गई है। इससे प्रशासन का पटवारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
हालांकि, सोमवार को बरोट-घटासनी मुख्य सड़क बड़े वाहनों के लिए खुल गई है। लेकिन, छोटे वाहन न चलने से अभी भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली बोर्ड सब डिवीजन के अधीन 83 ट्रांसफार्मर बंद हैं। गबाली से टीकन तक 11 केवी सब स्टेशन के तार और पोल टूट गए हैं। बरोट पंचायत की प्रधान रंजना देवी, मुल्थान पंचायत प्रधान सुरेंद्र कुमार, जिला परिषद सदस्य बीड़ भारत भूषण ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से घाटी में शीघ्र स्थिति ठीक करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है।
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पटवारियों से नहीं हो पा रहा संपर्क
दूरसंचार की सेवा भी पांच दिन से बंद होने के कारण पटवारियों से संपर्क नहीं हो रहा है। अभी तक जानमाल की कोई सूचना नहीं है। मुलथान तहसील की दोनों मुख्य सड़कें मुल्थान-बड़ा गांव और बरोट-लोहारड़ी सड़क बंद है।
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- जगत राम, तहसीलदार मुल्थान तहसील
बिजली बहाल करने को हो रहा काम
घाटी में बिजली बहाल करने के लिए कर्मचारी काम कर रहे हैं। सोमवार तक बरोट सब डिवीजन में बिजली स्टोर हो जाएगी। टीकन 11 केवी सब स्टेशन में भी रविवार रात को बिजली स्टोर की गई थी।
- श्याम लाल बोध, एसडीओ विद्युत सब डिवीजन बरोट