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चुनावी वायदों से मुकरी भाजपा: सभा
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:06 AM IST
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चुनावी वायदों से मुकरी भाजपा : सभा
नगरोटा बगवां में हुई किसान सभा की बैठक
किसानों के कब्जे वाली पांच बीघा जमीन को नियमित करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। हिमाचल किसान सभा ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों पर अपने चुनावी वायदों से मुकरने का आरोप लगाया है। सभा के जिला अध्यक्ष जगदीश जग्गी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों के अब तक के क्रियाकलापों की रिपोर्ट पेश करते हुए रोष व्यक्त किया।
केंद्र सरकार की भाजपा सरकार ने चुनावों के दौरान स्वामीनाथन कमीशन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का जो वायदा किया गया था। उसे अब तक पूरा नहीं किया गया है, जबकि तीन अप्रैल 2018 को सभा के विधानसभा घेराव के दौरान मुख्यमंत्री ने किसी का बसेरा नहीं तोड़ने का आश्वासन दिया। बावजूद इसके जिला कांगड़ा में ही कई घरों को तोड़ दिया गया है। सभा के महासचिव सतपाल सिंह ने बताया कि भारत में 11 प्रतिशत लोगों के पास अपना बसेरा बनाने को जमीन नहीं है। प्रदेश में जिन गरीब भूमिहीन लोगों के रहने के लिए वन भूमि, राजस्व भूमि और श्यामलात भूमि पर अपने रैन बसेरे बनाए हैं, उन्हें तोड़ा जा रहा है। जिला के मारंडा, ठाकुरद्वारा और सुलह क्षेत्र के गगल खोली में घरों को तोड़ा गया। सरकार की इस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही चुनावी वायदों को शीघ्र पूरा करने 1980 के वन एक्ट में संशोधन करने, किसानों के कब्जे वाली पांच बीघा तक जमीन को तुरंत नियमित करने की भी मांगें बैठक में की गई। बैठक में जिला कांगड़ा के 15 खंडों से प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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नगरोटा बगवां में हुई किसान सभा की बैठक
किसानों के कब्जे वाली पांच बीघा जमीन को नियमित करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। हिमाचल किसान सभा ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों पर अपने चुनावी वायदों से मुकरने का आरोप लगाया है। सभा के जिला अध्यक्ष जगदीश जग्गी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों के अब तक के क्रियाकलापों की रिपोर्ट पेश करते हुए रोष व्यक्त किया।
केंद्र सरकार की भाजपा सरकार ने चुनावों के दौरान स्वामीनाथन कमीशन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का जो वायदा किया गया था। उसे अब तक पूरा नहीं किया गया है, जबकि तीन अप्रैल 2018 को सभा के विधानसभा घेराव के दौरान मुख्यमंत्री ने किसी का बसेरा नहीं तोड़ने का आश्वासन दिया। बावजूद इसके जिला कांगड़ा में ही कई घरों को तोड़ दिया गया है। सभा के महासचिव सतपाल सिंह ने बताया कि भारत में 11 प्रतिशत लोगों के पास अपना बसेरा बनाने को जमीन नहीं है। प्रदेश में जिन गरीब भूमिहीन लोगों के रहने के लिए वन भूमि, राजस्व भूमि और श्यामलात भूमि पर अपने रैन बसेरे बनाए हैं, उन्हें तोड़ा जा रहा है। जिला के मारंडा, ठाकुरद्वारा और सुलह क्षेत्र के गगल खोली में घरों को तोड़ा गया। सरकार की इस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही चुनावी वायदों को शीघ्र पूरा करने 1980 के वन एक्ट में संशोधन करने, किसानों के कब्जे वाली पांच बीघा तक जमीन को तुरंत नियमित करने की भी मांगें बैठक में की गई। बैठक में जिला कांगड़ा के 15 खंडों से प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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