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आईपीएच और वन विभाग को किसानों की चेतावनी
Updated Thu, 07 Dec 2017 10:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लंज (कांगड़ा)। लंज में किसान सभा की बैठक प्रधान रघुवीर सिंह पांजला की अध्यक्षता में हुई। इसमें पिछले दिनों आईपीएच विभाग के एक्सईएन को जो मांग पत्र सौंपा गया था, जिस पर कार्रवाई न होने पर रोष व्यक्त किया गया। किसानों का कहना है कि पानी न मिलने की वजह से फसलें सूख रही हैं, जबकि विभाग ने पिछले हफ्ते ही चार दिनों में सिंचाई योजनाओं का लाभ किसानों को देने की बात कही थी। किसानों का कहना है कि अगर दस दिन में दोनों सिंचाई योजनाएं नहीं चलती हैं तो किसान डीसी दफ्तर धर्मशाला में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। वहीं, वन विभाग के डीएफओ को भी बंदरों को पकड़े के लिए जो मांग पत्र दिया था, उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि बंदर बीजी गई गेहूं को खा रहे हैं और औरतों तथा बच्चों को भी अपने निशाना बना रहे हैं। वन विभाग से किसान सभा ने की मांग है कि इन उत्पाती बंदरों को जल्द पकड़ कर जंगलों में छोड़ा जाए अन्यथा किसान डीएफओ दफ्तर का भी घेराव करने को मजबूर हो जाएंगे। इस अवसर पर किसान सभा के सचिव भाग सिंह, मिल्खी राम, देसराज, उत्तम चंद, राज कुमार, राज कपूर, किशन कुमार, कृष्ण चौधरी, सोमा देवी, दर्शना देवी, आशा देवी, विमला देवी, सलोचना देवी, कमला देवी सहित पचास के करीब किसानों ने भाग लिया। सभी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष प्रकट किया।
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लंज (कांगड़ा)। लंज में किसान सभा की बैठक प्रधान रघुवीर सिंह पांजला की अध्यक्षता में हुई। इसमें पिछले दिनों आईपीएच विभाग के एक्सईएन को जो मांग पत्र सौंपा गया था, जिस पर कार्रवाई न होने पर रोष व्यक्त किया गया। किसानों का कहना है कि पानी न मिलने की वजह से फसलें सूख रही हैं, जबकि विभाग ने पिछले हफ्ते ही चार दिनों में सिंचाई योजनाओं का लाभ किसानों को देने की बात कही थी। किसानों का कहना है कि अगर दस दिन में दोनों सिंचाई योजनाएं नहीं चलती हैं तो किसान डीसी दफ्तर धर्मशाला में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। वहीं, वन विभाग के डीएफओ को भी बंदरों को पकड़े के लिए जो मांग पत्र दिया था, उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि बंदर बीजी गई गेहूं को खा रहे हैं और औरतों तथा बच्चों को भी अपने निशाना बना रहे हैं। वन विभाग से किसान सभा ने की मांग है कि इन उत्पाती बंदरों को जल्द पकड़ कर जंगलों में छोड़ा जाए अन्यथा किसान डीएफओ दफ्तर का भी घेराव करने को मजबूर हो जाएंगे। इस अवसर पर किसान सभा के सचिव भाग सिंह, मिल्खी राम, देसराज, उत्तम चंद, राज कुमार, राज कपूर, किशन कुमार, कृष्ण चौधरी, सोमा देवी, दर्शना देवी, आशा देवी, विमला देवी, सलोचना देवी, कमला देवी सहित पचास के करीब किसानों ने भाग लिया। सभी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष प्रकट किया।