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हरिपुर की धरोहरों को मिलेगा संरक्षण
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:16 PM IST
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हरिपुर में पुरातत्व विभाग ने की फोटोग्राफी
हरिपुर (कांगड़ा)। हरिपुर में पुराने मंदिरों, तालाबों, द्वारों (दरवाजों) मठों, पीर द्वार, गुग्गा जहरपीर, कुओं बावड़ियों आदि की फोटोग्राफी की गई। शिमला से आये सहायक पुरात्वेता राहुल बख्शी और विजय कुमार ने बताया कि यहां पर फोटोग्राफी करने के साथ-साथ इसके इतिहास के बारे में अपनी रिपोर्ट बना रहे हैं जो एक दो दिन के अंदर शिमला कार्यालय में दी जाएगी। इस रिपोर्ट और फोटोग्राफी को जल्दी ही पूरी रिपोर्ट के साथ दिल्ली में भेज दिया जाएगा। आशा है कि इसी वर्ष इतनी पुरानी धरोहरों को विभाग का संरक्षण मिल जाएगा। पहले हिमाचल प्रदेश में मात्र एक ही सहायक पुरात्वेता था मगर अब दो हो गए हैं और तीसरे कुछ ही दिनों में आने वाले हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश की धरोहरों को संजोने का कार्य अच्छी तरह से हो पाएगा, जिसमें हरिपुर के मंदिर भी शामिल होंगे।
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हरिपुर (कांगड़ा)। हरिपुर में पुराने मंदिरों, तालाबों, द्वारों (दरवाजों) मठों, पीर द्वार, गुग्गा जहरपीर, कुओं बावड़ियों आदि की फोटोग्राफी की गई। शिमला से आये सहायक पुरात्वेता राहुल बख्शी और विजय कुमार ने बताया कि यहां पर फोटोग्राफी करने के साथ-साथ इसके इतिहास के बारे में अपनी रिपोर्ट बना रहे हैं जो एक दो दिन के अंदर शिमला कार्यालय में दी जाएगी। इस रिपोर्ट और फोटोग्राफी को जल्दी ही पूरी रिपोर्ट के साथ दिल्ली में भेज दिया जाएगा। आशा है कि इसी वर्ष इतनी पुरानी धरोहरों को विभाग का संरक्षण मिल जाएगा। पहले हिमाचल प्रदेश में मात्र एक ही सहायक पुरात्वेता था मगर अब दो हो गए हैं और तीसरे कुछ ही दिनों में आने वाले हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश की धरोहरों को संजोने का कार्य अच्छी तरह से हो पाएगा, जिसमें हरिपुर के मंदिर भी शामिल होंगे।