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कंडवाल से बोड तक बनें फोरलेन का बाइपास
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कंडवाल(कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी प्रस्तावित फोरलेन का कंडवाल से लेकर बोड क्षेत्र तक बाईपास बनाने की मांग स्थानीय लोगों ने उठाई है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में फोरलेन से सैकड़ों परिवार विस्थापित होंगे। इससे इन परिवारों को खासा नुकसान होगा।
शनिवार को इस संबंध में कंडवाल नागनी माता मंदिर में सेवानिवृत्त कानूनगो एवं फोरलेन प्रभावित संघर्ष समिति के सचिव विजय सिंह हीर की अध्यक्षता में बैठक हुई। पठानकोट-मंडी फोरलेन में कंडवाल से लेकर बोड़ क्षेत्र तक सैकड़ों लोगों के विस्थापन को बचाने के लिए कंडवाल से बोड़ क्षेत्र तक बाईपास निकाला जाए। विजय सिंह हीर ने कहा कि बाईपास बनने से यहां एक तरफ सैकड़ों लोग विस्थापन से बच जाएंगे। वहीं, दूसरी ओर बाईपास की लागत प्रस्तावित फोरलेन से बहुत कम आएगी। बाईपास बनाने के लिए दलील देते हुए कहा कि अगर कंडवाल से बोड़ क्षेत्र तक बाईपास बनता है, तो पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा। क्योंकि, फोरलेन की जद में आने वाले सैकड़ों पेड़ भी सुरक्षित रहेंगे। नूरपुर क्षेत्र में पौंग बांध से विस्थापित लोग बड़ी मुश्किल से क्षेत्र में अपनी रोजी रोटी का आसरा कर पा रहे हैं। ऐसे में फोरलेन से उन पर फिर विस्थापन की तलवार लटक गई है। प्रस्तावित फोरलेन बनने पर एक तो सड़क किनारे बहुमूल्य भूमि के रेट सरकार ने नाममात्र घोषित कर दिए हैं। वहीं, भूमिहीन लोगों को सरकार कहां बसाएगी। यह भी सरकार ने साफ नहीं किया है। लोग फोरलेन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन सड़कें बनने से यदि लोग सड़कों पर आ जाएं, तो ऐसी सड़कें बनाने का क्या फायदा। बैठक में बरंडा प्रधान संजीव जरयाल, कंडवाल प्रधान अरविंद गुलेरिया को अध्यक्ष, विजय सिंह हीर को महासचिव, सरदार सिंह पठानिया को संगठन सचिव, बलदेव पठानिया को प्रेस सचिव, राकेश भारती को मुख्य सलाहकार, डॉ. चंद्र महाजन, डॉ. अशोक शर्मा और राजीव राजू को सलाहकार को नियुक्त किया गया। इस मौके पर मंगल सिंह, अजय ओहरी, दलसेर सिंह, ज्योति सिंह, मुन्ना, नरिंद्र कुमार, लंबरदार हरि सिंह और कर्नल प्रभात सिंह आदि मौजूद रहे।
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कंडवाल(कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी प्रस्तावित फोरलेन का कंडवाल से लेकर बोड क्षेत्र तक बाईपास बनाने की मांग स्थानीय लोगों ने उठाई है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में फोरलेन से सैकड़ों परिवार विस्थापित होंगे। इससे इन परिवारों को खासा नुकसान होगा।
शनिवार को इस संबंध में कंडवाल नागनी माता मंदिर में सेवानिवृत्त कानूनगो एवं फोरलेन प्रभावित संघर्ष समिति के सचिव विजय सिंह हीर की अध्यक्षता में बैठक हुई। पठानकोट-मंडी फोरलेन में कंडवाल से लेकर बोड़ क्षेत्र तक सैकड़ों लोगों के विस्थापन को बचाने के लिए कंडवाल से बोड़ क्षेत्र तक बाईपास निकाला जाए। विजय सिंह हीर ने कहा कि बाईपास बनने से यहां एक तरफ सैकड़ों लोग विस्थापन से बच जाएंगे। वहीं, दूसरी ओर बाईपास की लागत प्रस्तावित फोरलेन से बहुत कम आएगी। बाईपास बनाने के लिए दलील देते हुए कहा कि अगर कंडवाल से बोड़ क्षेत्र तक बाईपास बनता है, तो पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा। क्योंकि, फोरलेन की जद में आने वाले सैकड़ों पेड़ भी सुरक्षित रहेंगे। नूरपुर क्षेत्र में पौंग बांध से विस्थापित लोग बड़ी मुश्किल से क्षेत्र में अपनी रोजी रोटी का आसरा कर पा रहे हैं। ऐसे में फोरलेन से उन पर फिर विस्थापन की तलवार लटक गई है। प्रस्तावित फोरलेन बनने पर एक तो सड़क किनारे बहुमूल्य भूमि के रेट सरकार ने नाममात्र घोषित कर दिए हैं। वहीं, भूमिहीन लोगों को सरकार कहां बसाएगी। यह भी सरकार ने साफ नहीं किया है। लोग फोरलेन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन सड़कें बनने से यदि लोग सड़कों पर आ जाएं, तो ऐसी सड़कें बनाने का क्या फायदा। बैठक में बरंडा प्रधान संजीव जरयाल, कंडवाल प्रधान अरविंद गुलेरिया को अध्यक्ष, विजय सिंह हीर को महासचिव, सरदार सिंह पठानिया को संगठन सचिव, बलदेव पठानिया को प्रेस सचिव, राकेश भारती को मुख्य सलाहकार, डॉ. चंद्र महाजन, डॉ. अशोक शर्मा और राजीव राजू को सलाहकार को नियुक्त किया गया। इस मौके पर मंगल सिंह, अजय ओहरी, दलसेर सिंह, ज्योति सिंह, मुन्ना, नरिंद्र कुमार, लंबरदार हरि सिंह और कर्नल प्रभात सिंह आदि मौजूद रहे।
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