{"_id":"5c12a9a542c7925cdd16dde0","slug":"31544726949-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिसकी पीए से पहचान, उसका पास बनाना आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिसकी पीए से पहचान, उसका पास बनाना आसान
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिसकी पहचान, उसका पास बनाना आसान
आम जनता को गेट पास बनाने में लग रहा आधे से एक घंटा
विपिन चौधरी
धर्मशाला। कहने को छह दिन प्रदेश सरकार विधानसभा भवन तपोवन में है और उससे कोई भी फरियादी अपनी समस्या लेकर मिल सकता है। लेकिन हकीकत इससे परे है।
जिस व्यक्ति की जान-पहचान मंत्री के पीए अथवा स्टाफ से है, उसे अपना गेट पास बनाने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। उस व्यक्ति का गेट पास बनाने के लिए स्टाफ स्वयं ही फार्म भर कर संबंधित मंत्री के पीए से उस पर अनुमति सहित अन्य कार्य चुटकियों में करवा रहे हैं। वहीं इसके विपरीत मीलों दूर से अपनी फरियाद लेकर विधानसभा भवन तपोवन पहुंचे आम लोगों को गेट पास बनाने में ही दिक्कतें आ रही हैं। पहले उन्हें गेट पास बनाने के लिए फॉर्म भरना पड़ रहा है। उसके बाद आधे से एक घंटे का समय उन्हें गेट पास मिलने के लिए लग रहा है।
परिसर में बैठने की न व्यवस्था, न सिर ढांपने का छत
तपोवन स्थित विधानसभा भवन पर करोड़ों रुपये तो सरकार ने खर्च कर दिए, लेकिन अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों के लिए सरकार न तो कोई बैठने की उचित व्यवस्था कर पाई और न ही उन्हें सिर ढांपने के लिए छत मुहैया करवा पाई है। इसके अलावा मंत्रियों से उनके चैंबर में मिलने पहुंचने वाले फरियादियों को भी गैलरी में लोगों के धक्के खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गैलरी में इतनी भीड़ होती है कि वहां से फरियादियों को एक चैंबर से दूसरे चैंबर तक पहुंचना भी मुश्किल होता है। अगर चैंबर के बाहर उनके बैठने की उचित व्यवस्था हो तो वे धक्के खाने से बच सकते हैं।
विज्ञापन
आम जनता को गेट पास बनाने में लग रहा आधे से एक घंटा
विपिन चौधरी
धर्मशाला। कहने को छह दिन प्रदेश सरकार विधानसभा भवन तपोवन में है और उससे कोई भी फरियादी अपनी समस्या लेकर मिल सकता है। लेकिन हकीकत इससे परे है।
जिस व्यक्ति की जान-पहचान मंत्री के पीए अथवा स्टाफ से है, उसे अपना गेट पास बनाने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। उस व्यक्ति का गेट पास बनाने के लिए स्टाफ स्वयं ही फार्म भर कर संबंधित मंत्री के पीए से उस पर अनुमति सहित अन्य कार्य चुटकियों में करवा रहे हैं। वहीं इसके विपरीत मीलों दूर से अपनी फरियाद लेकर विधानसभा भवन तपोवन पहुंचे आम लोगों को गेट पास बनाने में ही दिक्कतें आ रही हैं। पहले उन्हें गेट पास बनाने के लिए फॉर्म भरना पड़ रहा है। उसके बाद आधे से एक घंटे का समय उन्हें गेट पास मिलने के लिए लग रहा है।
परिसर में बैठने की न व्यवस्था, न सिर ढांपने का छत
तपोवन स्थित विधानसभा भवन पर करोड़ों रुपये तो सरकार ने खर्च कर दिए, लेकिन अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों के लिए सरकार न तो कोई बैठने की उचित व्यवस्था कर पाई और न ही उन्हें सिर ढांपने के लिए छत मुहैया करवा पाई है। इसके अलावा मंत्रियों से उनके चैंबर में मिलने पहुंचने वाले फरियादियों को भी गैलरी में लोगों के धक्के खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गैलरी में इतनी भीड़ होती है कि वहां से फरियादियों को एक चैंबर से दूसरे चैंबर तक पहुंचना भी मुश्किल होता है। अगर चैंबर के बाहर उनके बैठने की उचित व्यवस्था हो तो वे धक्के खाने से बच सकते हैं।
विज्ञापन