{"_id":"5b2943594f1c1baf6e8b8f17","slug":"21529430873-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवानिवृत शिक्षकों को फिर नियुक्ति देने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवानिवृत शिक्षकों को फिर नियुक्ति देने का विरोध
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
सेवानिवृत्त शिक्षकों को फिर से नियुक्ति देने का विरोध
राजकीय अध्यापक संघ ने जताया आक्रोश, नई भर्ती करवाए शिक्षा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
राजा का तालाब (कांगड़ा)। राजकीय अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार के सेवानिवृत्त अध्यापकों को शिक्षा विभाग में पुन: नियुक्त करने के फैसले पर कड़ा विरोध किया है। संघ के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने कहा कि यह बेरोजगार अध्यापकों के साथ सरासर अन्याय है और नीतिगत भी नहीं है, अगर आज शिक्षा विभाग में अध्यापकों की कमी आई है, तो इसके लिए भी प्रदेश सरकार ही जिम्मेवार है।
उन्होंने कहा कि सरकार के ऐसे तर्क विहीन निर्णय प्रदेश हित में नहीं हैं, इससे बेरोजगार अध्यापक न सिर्फ आहत होंगे, बल्कि आगे की डगर भी उनके लिए मुश्किल भरी होगी। संघ ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अभिलंब बैचवाइज और चयन आयोग से भर्तियां कर नौकरी की आस में बैठे हजारों बेरोजगार अध्यापकों को भी मौका दें, ताकि वे अपनी रोजी रोटी को सुचारु रूप से चल सकें। संघ की रश्मि ठाकुर, निर्मल सिंह, संतोष पराशर, सचिन, नरदेव, राकेश कुमार, सुमन, पंकज पूरी इंद्र सिंह, अरुण पठानिया, देवराज डढवाल, बालकृष्ण, उपेंद्र शर्मा, सुखदेव सिंह, घनश्याम सिंह, प्रमोद राणा, प्रकाश पठानिया, सुनील पराशर, प्रवीण ने कहा प्रदेश सरकार चोर दरवाजे से अपने चहेतों को नौकरी देने का जो षड्यंत्र चल रही है, जो बेरोजगारों के साथ धोखा है।
विज्ञापन
राजकीय अध्यापक संघ ने जताया आक्रोश, नई भर्ती करवाए शिक्षा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
राजा का तालाब (कांगड़ा)। राजकीय अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार के सेवानिवृत्त अध्यापकों को शिक्षा विभाग में पुन: नियुक्त करने के फैसले पर कड़ा विरोध किया है। संघ के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने कहा कि यह बेरोजगार अध्यापकों के साथ सरासर अन्याय है और नीतिगत भी नहीं है, अगर आज शिक्षा विभाग में अध्यापकों की कमी आई है, तो इसके लिए भी प्रदेश सरकार ही जिम्मेवार है।
उन्होंने कहा कि सरकार के ऐसे तर्क विहीन निर्णय प्रदेश हित में नहीं हैं, इससे बेरोजगार अध्यापक न सिर्फ आहत होंगे, बल्कि आगे की डगर भी उनके लिए मुश्किल भरी होगी। संघ ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अभिलंब बैचवाइज और चयन आयोग से भर्तियां कर नौकरी की आस में बैठे हजारों बेरोजगार अध्यापकों को भी मौका दें, ताकि वे अपनी रोजी रोटी को सुचारु रूप से चल सकें। संघ की रश्मि ठाकुर, निर्मल सिंह, संतोष पराशर, सचिन, नरदेव, राकेश कुमार, सुमन, पंकज पूरी इंद्र सिंह, अरुण पठानिया, देवराज डढवाल, बालकृष्ण, उपेंद्र शर्मा, सुखदेव सिंह, घनश्याम सिंह, प्रमोद राणा, प्रकाश पठानिया, सुनील पराशर, प्रवीण ने कहा प्रदेश सरकार चोर दरवाजे से अपने चहेतों को नौकरी देने का जो षड्यंत्र चल रही है, जो बेरोजगारों के साथ धोखा है।
विज्ञापन