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धर्मशाला में गृहकर बढ़ेगा, वाहनों पर लगेगा ग्रीन टैक्स
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला ने वार्षिक बजट में जनता पर बोझ डालने की योजना बनाई है। बजट में नगर निगम ने लगभग 10 करोड़ रुपये आय बढ़ाने की हामी भरी है। जिसमें आवासीय कर को लगभग एक करोड़ 90 लाख से साढ़े तीन करोड़ करने, तहबाजारी में आठ लाख रुपये, वाहनों पर ग्रीन टैक्स के रूप में एक करोड़ रुपये, पार्किंग फीस से लगभग 30 लाख रुपये, उत्सवों और मेले के लिए दिए जाने वाले मैदान से 35 लाख रुपये, शराब बिक्री कर, विज्ञापन स्थलों आदि से आय बढ़ाने की योजना बनाई है। कांग्रेस शासित नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने वर्ष 2017-18 के मुकाबले 43 करोड़ रुपये कम का बजट पेश किया है। पिछले वर्ष 138 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, इस बार महापौर ने आगामी वर्ष का 95.11 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है।
इनसेट
केंद्र और प्रदेश सरकार से आस
नगर निगम धर्मशाला का बजट केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के इर्द-गिर्द घूमता दिखा। बजट में लक्ष्य योजना के लिए 60 लाख से एक करोड़ करने, 14वें वित्त आयोग से तीन करोड़ रुपये शामिल है। इसके अलावा प्रदेश सरकार से सड़कों की मरम्मत के लिए 15 करोड़ रुपये, सीवरेज स्कीम के लिए 10 करोड़ रुपये, पार्किंग बनाने और पार्क बनाने के लिए छह करोड़ रुपये की ग्रांट मांगने का बजट रखा है।
स्ट्रीट लाइट के बिल के लिए एक करोड़ का बजट
नगर निगम धर्मशाला के खर्चों में भी डेढ़ करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। एमसी के अधिकारियों के वेतन पर पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार 60 लाख रुपये के बजाय एक करोड़ रुपये व्यय होंगे। कर्मचारियों के वेतन-भत्ते में भी इस वर्ष 4.28 करोड़ से बढ़कर पांच करोड़ रुपये हो जाएंगे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर 65 लाख रुपये, प्रचार-प्रसार पर भी पांच लाख रुपये अधिक खर्च होंगे। मेला आयोजन पर पांच लाख रुपये, वाहन के डीजल-पेट्रोल के खर्च में दो लाख रुपये बढ़ा है। स्ट्रीट लाइट के बिल पर इस बार एक करोड़ रुपये खर्च करने का बजट रखा है, जो पिछले वर्ष सिर्फ 37 लाख रुपये था। सड़क और छोटे पुलों की मरम्मत के लिए पांच करोड़ रुपये, सुरक्षा दीवार बनाने, नालियों बनाने आदि पर तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य-स्वच्छता काम पर दो करोड़ 20 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान रखा है।
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उपमहापौर, एक पार्षद और आयुक्त नदारद
नगर निगम की बजट बैठक में उपमहापौर देवेंद्र सिंह जग्गी, पार्षद सरोज गुलेरिया, आयुक्त संदीप कदम नदारद रहे। इसके अलावा महापौर सहित 15 वार्डों के पार्षद बजट बैठक में उपस्थित रहे। बजट बैठक शुरू होने के बाद दो पार्षद हॉल में प्रवेश हुए।
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला ने वार्षिक बजट में जनता पर बोझ डालने की योजना बनाई है। बजट में नगर निगम ने लगभग 10 करोड़ रुपये आय बढ़ाने की हामी भरी है। जिसमें आवासीय कर को लगभग एक करोड़ 90 लाख से साढ़े तीन करोड़ करने, तहबाजारी में आठ लाख रुपये, वाहनों पर ग्रीन टैक्स के रूप में एक करोड़ रुपये, पार्किंग फीस से लगभग 30 लाख रुपये, उत्सवों और मेले के लिए दिए जाने वाले मैदान से 35 लाख रुपये, शराब बिक्री कर, विज्ञापन स्थलों आदि से आय बढ़ाने की योजना बनाई है। कांग्रेस शासित नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने वर्ष 2017-18 के मुकाबले 43 करोड़ रुपये कम का बजट पेश किया है। पिछले वर्ष 138 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, इस बार महापौर ने आगामी वर्ष का 95.11 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है।
इनसेट
केंद्र और प्रदेश सरकार से आस
नगर निगम धर्मशाला का बजट केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के इर्द-गिर्द घूमता दिखा। बजट में लक्ष्य योजना के लिए 60 लाख से एक करोड़ करने, 14वें वित्त आयोग से तीन करोड़ रुपये शामिल है। इसके अलावा प्रदेश सरकार से सड़कों की मरम्मत के लिए 15 करोड़ रुपये, सीवरेज स्कीम के लिए 10 करोड़ रुपये, पार्किंग बनाने और पार्क बनाने के लिए छह करोड़ रुपये की ग्रांट मांगने का बजट रखा है।
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स्ट्रीट लाइट के बिल के लिए एक करोड़ का बजट
नगर निगम धर्मशाला के खर्चों में भी डेढ़ करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। एमसी के अधिकारियों के वेतन पर पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार 60 लाख रुपये के बजाय एक करोड़ रुपये व्यय होंगे। कर्मचारियों के वेतन-भत्ते में भी इस वर्ष 4.28 करोड़ से बढ़कर पांच करोड़ रुपये हो जाएंगे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर 65 लाख रुपये, प्रचार-प्रसार पर भी पांच लाख रुपये अधिक खर्च होंगे। मेला आयोजन पर पांच लाख रुपये, वाहन के डीजल-पेट्रोल के खर्च में दो लाख रुपये बढ़ा है। स्ट्रीट लाइट के बिल पर इस बार एक करोड़ रुपये खर्च करने का बजट रखा है, जो पिछले वर्ष सिर्फ 37 लाख रुपये था। सड़क और छोटे पुलों की मरम्मत के लिए पांच करोड़ रुपये, सुरक्षा दीवार बनाने, नालियों बनाने आदि पर तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य-स्वच्छता काम पर दो करोड़ 20 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान रखा है।
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उपमहापौर, एक पार्षद और आयुक्त नदारद
नगर निगम की बजट बैठक में उपमहापौर देवेंद्र सिंह जग्गी, पार्षद सरोज गुलेरिया, आयुक्त संदीप कदम नदारद रहे। इसके अलावा महापौर सहित 15 वार्डों के पार्षद बजट बैठक में उपस्थित रहे। बजट बैठक शुरू होने के बाद दो पार्षद हॉल में प्रवेश हुए।