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साहब की थी नाइट ड्यूटी, आज दिन में नहीं आएंगे
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:08 AM IST
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साहब नाइट ड्यूटी पर थे, आज दिन में नहीं आएंगे
अप्पर लंबागांव पीएचसी में मरीजों को सुनने को मिलता है जवाब
स्टाफ न होने से अस्पताल में चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं
बृज मोहन कंठवाल
लंबागांव (कांगड़ा)। क्षेत्र की करीब 15 पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबागांव कई दिनों से उधारी के चिकित्सकों के सहारे चल रहा है। यही नहीं चिकित्सक के छुट्टी होने पर या कहीं दूसरे अस्पताल में नाइट ड्यूटी होने पर यह अस्पताल चुतर्थ श्रेणी की मौजूदगी में चलता है। इस कारण यह स्वास्थ्य केंद्र जनता को न के बराबर लगने लगा है। काफी समय से इस स्वास्थ्य केंद्र में कोई स्थायी चिकित्सक नहीं है, जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो जिस चिकित्सक की यहां पर तैनाती की गई है, उनकी सेवाएं कहीं और ली जा रही हैं।
क्षेत्र के लोगों एडवोकेट जगदीश कनिहाल, रस्मी देवी, ओमप्रकाश, कुलदीप, परस राम, चंचला देवी, होशियार सिंह, संजीव कुमार, शशि वाला, रेणु, कंचन, इंदिरा देवी आदि का कहना है कि जब वे इस स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए जाते हैं, उनको ज्यादातर चिकित्सक ड्यूटी पर मिलते ही नहीं हैं। स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ से जवाब मिलता है, साहब की नाइट ड्यूटी थी, जिस कारण वे आज नहीं आएंगे। यही नहीं, स्वास्थ्य केंद्र में पहले एक डेंटल और एक आई स्पेशलिस्ट भी था, लेकिन अब वे भी नहीं हैं।
उधर, बीएमओ थुरल एसके भाटिया ने कहा कि आरकेएस की बैठक होने के कारण चिकित्सक अस्पताल नहीं आ सके थे, जबकि अन्य बातों पर उन्होंने भी गोलमोल जवाब देकर फोन बंद कर दिया।
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अप्पर लंबागांव पीएचसी में मरीजों को सुनने को मिलता है जवाब
स्टाफ न होने से अस्पताल में चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं
बृज मोहन कंठवाल
लंबागांव (कांगड़ा)। क्षेत्र की करीब 15 पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबागांव कई दिनों से उधारी के चिकित्सकों के सहारे चल रहा है। यही नहीं चिकित्सक के छुट्टी होने पर या कहीं दूसरे अस्पताल में नाइट ड्यूटी होने पर यह अस्पताल चुतर्थ श्रेणी की मौजूदगी में चलता है। इस कारण यह स्वास्थ्य केंद्र जनता को न के बराबर लगने लगा है। काफी समय से इस स्वास्थ्य केंद्र में कोई स्थायी चिकित्सक नहीं है, जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो जिस चिकित्सक की यहां पर तैनाती की गई है, उनकी सेवाएं कहीं और ली जा रही हैं।
क्षेत्र के लोगों एडवोकेट जगदीश कनिहाल, रस्मी देवी, ओमप्रकाश, कुलदीप, परस राम, चंचला देवी, होशियार सिंह, संजीव कुमार, शशि वाला, रेणु, कंचन, इंदिरा देवी आदि का कहना है कि जब वे इस स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए जाते हैं, उनको ज्यादातर चिकित्सक ड्यूटी पर मिलते ही नहीं हैं। स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ से जवाब मिलता है, साहब की नाइट ड्यूटी थी, जिस कारण वे आज नहीं आएंगे। यही नहीं, स्वास्थ्य केंद्र में पहले एक डेंटल और एक आई स्पेशलिस्ट भी था, लेकिन अब वे भी नहीं हैं।
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उधर, बीएमओ थुरल एसके भाटिया ने कहा कि आरकेएस की बैठक होने के कारण चिकित्सक अस्पताल नहीं आ सके थे, जबकि अन्य बातों पर उन्होंने भी गोलमोल जवाब देकर फोन बंद कर दिया।
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