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कायाकल्प में कुल्लू अस्पताल का प्रथम पुरस्कार
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:15 AM IST
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धर्मशाला। केंद्र सरकार की कायाकल्प योजना के तहत इस बार कुल्लू अस्पताल को सूबे में प्रथम पुरस्कार मिला है। इसके अलावा पालमपुर और नूरपुर अस्पताल क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान हासिल करने में कामयाब रहे।
जोनल अस्पताल धर्मशाला ने स्टाफ की भारी कमी के बावजूद तीन लाख रुपये का सांत्वना पुरस्कार हासिल किया है। कुल्लू अस्पताल ने प्रथम स्थान हासिल कर 20 लाख का इनाम प्राप्त किया है। कांगड़ा जिला के नागरिक पालमपुर ने दूसरे स्थान पर रह कर 20 लाख रुपये और नूरपुर अस्पताल ने तीसरे स्थान पर रह कर 10 लाख रुपये का इनाम हासिल किया है। इसके अलावा मंडी, जोनल अस्पताल धर्मशाला को तीन लाख रुपये सांत्वना पुरस्कार हासिल किया है। इन सभी अस्पतालों को बेहतर काम करने के लिए सराहना प्रमाण पत्र दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015-16 में धर्मशाला अस्पताल को प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 लाख रुपये का पहला पुरस्कार मिला था। वहीं, 2016-17 में यह पुरस्कार की दौड़ से बाहर हो गया था। इस वर्ष धर्मशाला अस्पताल के प्रदर्शन में अभी भी बहुत सुधार हुआ है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ पुरस्कार प्राप्त करना बहुत कठिन था। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर कायाकल्प पुरस्कार 2015 से शुरू किया है। योजना का उद्देश्य अस्पतालों में प्रतिस्पर्धा कर बेहतर व्यवस्था बनाना है। पुरस्कार मुख्य रूप से स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का आकलन करने के बाद दिया जाता है। जोनल अस्पताल धर्मशाला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि इस बार कुल्लू अस्पताल सूबे में प्रथम आया है, जबकि धर्मशाला अस्पताल को सांत्वना पुरस्कार के रूप में तीन लाख रुपये मिले हैं।
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जोनल अस्पताल धर्मशाला ने स्टाफ की भारी कमी के बावजूद तीन लाख रुपये का सांत्वना पुरस्कार हासिल किया है। कुल्लू अस्पताल ने प्रथम स्थान हासिल कर 20 लाख का इनाम प्राप्त किया है। कांगड़ा जिला के नागरिक पालमपुर ने दूसरे स्थान पर रह कर 20 लाख रुपये और नूरपुर अस्पताल ने तीसरे स्थान पर रह कर 10 लाख रुपये का इनाम हासिल किया है। इसके अलावा मंडी, जोनल अस्पताल धर्मशाला को तीन लाख रुपये सांत्वना पुरस्कार हासिल किया है। इन सभी अस्पतालों को बेहतर काम करने के लिए सराहना प्रमाण पत्र दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015-16 में धर्मशाला अस्पताल को प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 लाख रुपये का पहला पुरस्कार मिला था। वहीं, 2016-17 में यह पुरस्कार की दौड़ से बाहर हो गया था। इस वर्ष धर्मशाला अस्पताल के प्रदर्शन में अभी भी बहुत सुधार हुआ है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ पुरस्कार प्राप्त करना बहुत कठिन था। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर कायाकल्प पुरस्कार 2015 से शुरू किया है। योजना का उद्देश्य अस्पतालों में प्रतिस्पर्धा कर बेहतर व्यवस्था बनाना है। पुरस्कार मुख्य रूप से स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का आकलन करने के बाद दिया जाता है। जोनल अस्पताल धर्मशाला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि इस बार कुल्लू अस्पताल सूबे में प्रथम आया है, जबकि धर्मशाला अस्पताल को सांत्वना पुरस्कार के रूप में तीन लाख रुपये मिले हैं।
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