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अपने हकों के बर्चस्व के लिए जाएंगे हाईकोर्ट: संघ
Updated Sat, 17 Nov 2018 11:46 PM IST
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अपने हकों के लिए जाएंगे हाईकोर्ट: संघ
पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने कहा कि 2010 में प्रदेश में हुई मुख्य अध्यापकों की भर्तियों में निजी स्कूलों में पांच सालों का अनुभव रखने वाले सीधे मुख्याध्यापक भर्ती के लिए योग्य घोषित हुए थे। वहीं, 2008 से नियुक्त हो रहे अनुबंध से नियमित शिक्षक 11 साल बाद भी इस प्रमोशन के हकदार नहीं हैं, जो अध्यापक निजी स्कूलों के अनुभव के सहारे मुख्य अध्यापक बने थे। वे अब प्रधानाचार्य बन चुके हैं।
सरकारी स्कूलों में कार्यरत अध्यापक अब भी जेबीटी, टीजीटी और सीएडंवी पदों पर कार्य कर रहे हैं। संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण कुमार, महासचिव अरुण कानूनगो, सचिव कपिल अंगारिया, संयोजक मनदीप, शिमला अध्यक्ष धीरज, सिरमौर अध्यक्ष नरेश कुमार, सचिव सुमित कुमार, प्रमुख सलाहकार भारत भूषण, सुशील कुमार, संजीव मलगोत्रा, सचिंद्र कुमार, दिनेश पठानिया, बलदेव सिंह, चंबा से प्रधान नूतन कुमार, प्रदेश महामंत्री सुरेश कुमार और अन्य ने कहा कि इस तरह की भ्रांतियों को खत्म कर लोकतंत्र की नींव को बचाया जाए और अनुबंध समय को नियमित सेवाओं में जोड़कर सबको तरक्की के अवसर दिए जाएं। प्रवीण कुमार ने कहा कि संघर्ष मोर्चा जनहित याचिका हाईकोर्ट में डालने के लिए मजबूर है। साथ ही इसके अपने हकों के लिए भूख हड़ताल भी करेंगे।
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पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने कहा कि 2010 में प्रदेश में हुई मुख्य अध्यापकों की भर्तियों में निजी स्कूलों में पांच सालों का अनुभव रखने वाले सीधे मुख्याध्यापक भर्ती के लिए योग्य घोषित हुए थे। वहीं, 2008 से नियुक्त हो रहे अनुबंध से नियमित शिक्षक 11 साल बाद भी इस प्रमोशन के हकदार नहीं हैं, जो अध्यापक निजी स्कूलों के अनुभव के सहारे मुख्य अध्यापक बने थे। वे अब प्रधानाचार्य बन चुके हैं।
सरकारी स्कूलों में कार्यरत अध्यापक अब भी जेबीटी, टीजीटी और सीएडंवी पदों पर कार्य कर रहे हैं। संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण कुमार, महासचिव अरुण कानूनगो, सचिव कपिल अंगारिया, संयोजक मनदीप, शिमला अध्यक्ष धीरज, सिरमौर अध्यक्ष नरेश कुमार, सचिव सुमित कुमार, प्रमुख सलाहकार भारत भूषण, सुशील कुमार, संजीव मलगोत्रा, सचिंद्र कुमार, दिनेश पठानिया, बलदेव सिंह, चंबा से प्रधान नूतन कुमार, प्रदेश महामंत्री सुरेश कुमार और अन्य ने कहा कि इस तरह की भ्रांतियों को खत्म कर लोकतंत्र की नींव को बचाया जाए और अनुबंध समय को नियमित सेवाओं में जोड़कर सबको तरक्की के अवसर दिए जाएं। प्रवीण कुमार ने कहा कि संघर्ष मोर्चा जनहित याचिका हाईकोर्ट में डालने के लिए मजबूर है। साथ ही इसके अपने हकों के लिए भूख हड़ताल भी करेंगे।
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