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ऑन ईयर में इस बार आम की बंपर पैदावार की उम्मीद

Sat, 10 Mar 2018 11:33 PM IST
Updated Sat, 10 Mar 2018 11:33 PM IST
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ऑन ईयर में इस बार आम की बंपर पैदावार की उम्मीद
रितेश महाजन
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नूरपुर(कांगड़ा)। जिले के बागवानों को इस बार आम की बंपर पैदावार की उम्मीद है। गर्मियों की दस्तक के साथ ही आम के बगीचे बौर की खुशबू से महकने लगे हैं। आने वाले दिनों में मौसम ने साथ दिया तो इस बार आम की बंपर फसल बागवानों की जेब भरने में मददगार साबित हो सकती है। वैसे भी पिछले साल आम की फसल का ऑफ ईयर होने के चलते आम की पैदावार में अव्वल जिला कांगड़ा के नूरपुर क्षेत्र के बागवानों को खासा नुकसान उठाना पड़ा था। क्योंकि, ऑफ ईयर होने के चलते ज्यादातर पेड़ों पर बौर ही नहीं पड़ा और रही सही कसर मौसम की बेरुखी ने पूरी कर दी, जबकि इससे पिछले सीजन में ऑन ईयर होने के बावजूद मौसम और तेला रोग की मार के चलते बागवानों को झटका लगा था, लेकिन इस बार ऑन ईयर होने के चलते 10 से 15 दिन पहले ही आम के बगीचे बौर से लबालब हो गए हैं।आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2013-14 में फलों के कुल क्षेत्रफल 38,625 में से 20,936 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम की पैदावार की गई। इसमें से 10183 मीट्रिक टन आम का उत्पादन दर्ज किया गया। वर्ष 2014-15 में फलों का कुल क्षेत्रफल 38,642 और आम का 21,633 हेक्टेयर था। इसमें कुल फलों का उत्पादन 44,166 मीट्रिक टन था। आम का उत्पादन 22,533 मीट्रिक टन रहा। इसी तरह वर्ष 2015-16 में जिला कांगड़ा में 20,880 हेक्टेयर भूमि में 24900 मीट्रिक टन आम का उत्पादन दर्ज किया गया था, जबकि आम का गढ़ कहे जाने वाले नूरपुर क्षेत्र में 4167 और इंदौरा में 6470 हेक्टेयर भूमि पर आम की खेती होती है।
बाक्स
क्या है ऑफ और ऑन ईयर
विशेषज्ञों के मुताबिक एक वर्ष आम की भारी पैदावार होती है और उस वर्ष को ऑन ईयर कहते हैं, जबकि एक वर्ष आम की कम पैदावार होती है, तो उसे आम की फसल का ऑफ ईयर कहते हैं। इस वर्ष आम की फसल का ऑन ईयर है। इसमें आम की भारी पैदावार होने की उम्मीद है।
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इनसेट....
बागवानों को बगीचों में छिड़काव की सलाह
विशेषज्ञों के मुताबिक बागवान आम के फलों को बीमारियों से बचाने के लिए आम की सेटिंग के समय मोनोक्रोटोफोस 100 एमएल प्रति 100 लीटर और हेक्साकोनाजोल 50 एमएल प्रति 100 लीटर पानी में मिलाकर आम के पेड़ों पर छिड़काव करें।
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कोट
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीआर वर्मा ने माना कि इस बार आम की फसल का ऑन ईयर होने के चलते आम की बंपर फसल होने की उम्मीद है। लिहाजा बागवान आम की फसल को बीमारियों से बचाने के लिए बौर खिलने के बाद फलों की सेटिंग के समय उचित दवाइयों का उचित मात्रा में छिड़काव करें।
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