फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   केंद्र से पिरौती मांगने का साधन बना अनुच्छेद 35ए

केंद्र से पिरौती मांगने का साधन बना अनुच्छेद 35ए

Sun, 22 Oct 2017 12:07 AM IST
Updated Sun, 22 Oct 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
केंद्र से पिरौती मांगने का साधन बना अनुच्छेद 35ए
धर्मशाला। जम्मू-कश्मीर की सरकारें स्वतंत्रता के बाद अनुच्छेद-35ए का दुरुपयोग करती आई हैं। उनके लिए अनुच्छेद 35ए केंद्र सरकार से फिरौती मांगने का साधन बन गया है। यह बात प्रो. केएल भाटिया ने केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के धौलाधार परिसर में आयोजित ललितादित्य व्याख्यान माला की कार्यशाला के दौरान कही।
विज्ञापन

शनिवार को सीयू में अनुच्छेद 35ए के प्रभाव विषय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि 35ए और 370 भारतीय संविधान से जानबूझ की गई धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा कि 90 के दशक के बाद ही अनुच्छेद 35ए को लेकर जम्मू-कश्मीर की सरकारों की मंशा देश की आम जनता के सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस अनुच्छेद के सहारे अब्दुला एंड संज ने देश को गुमराह किया है। इससे अब पर्दा उठ चुका है। अब मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस कारण अब अलगाववादियों की कई गतिविधियों पर लगाम लगी है। कार्यशाला में ललितादित्य व्याख्यान माला के संयोजक डॉ. जय प्रकाश, प्रो. विवेक कुमार, प्रो. भजहरि दास सहित विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed