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थुरल में दो बेटियों ने किया अपने बाप का दाह संस्कार
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:12 PM IST
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अशोक चौहान
थुरल (कांगड़ा)। थुरल पंचायत में पिता की मौत के बाद दो बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाकर यह संदेश दिया कि बेटी सच में अनमोल है। पिता को दोनों बेटियों ने मिल कर मुखाग्नि दी। थुरल बाजार के 75 वर्षीय ब्रह्मु दास का मंगलवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे रेलवे बोर्ड से बतौर तकनीशियन सेवानिवृत्त हुए थे। ब्रह्मु का कोई बेटा नहीं था, सिर्फ दो बेटियां हैं। उनकी दोनों बेटियों ने अपनी बेटी होने का फर्ज अदा कर श्मशानघाट पर जाकर अपने पिता को मुखाग्नि देकर दाह संस्कार की हर रस्म अदा की। हालांकि, ब्रह्मु दास के भाई और भतीजे भी हैं, लेकिन दोनों ने बेटियों ने स्वयं अपने पिता को मुखाग्नि देने का फैसला लिया और उन्होंने दूसरों को मना कर दिया, कहा कि वे दोनों स्वयं पिता को मुखाग्नि देंगी। ब्रह्मु दास की बड़ी बेटी मानसी शर्मा बीएससी की पढ़ाई के साथ बद्दी में एक निजी अस्पताल में नौकरी भी कर रही हैं, जबकि दूसरी बेटी नेहा ने जमा दो की परीक्षा दी हुई है। दोनों बहनों में अपने पिता को मुखाग्नि देकर इलाके में एक पहल कर नई मिशाल कायम कर दी है। मानसी और नेहा ने बताया कि हम भी बेटों से कम नहीं हैं। बेटियां हैं तो क्या हुआ, वे भी किसी बेटे से कम नहीं हैं।
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थुरल (कांगड़ा)। थुरल पंचायत में पिता की मौत के बाद दो बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाकर यह संदेश दिया कि बेटी सच में अनमोल है। पिता को दोनों बेटियों ने मिल कर मुखाग्नि दी। थुरल बाजार के 75 वर्षीय ब्रह्मु दास का मंगलवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे रेलवे बोर्ड से बतौर तकनीशियन सेवानिवृत्त हुए थे। ब्रह्मु का कोई बेटा नहीं था, सिर्फ दो बेटियां हैं। उनकी दोनों बेटियों ने अपनी बेटी होने का फर्ज अदा कर श्मशानघाट पर जाकर अपने पिता को मुखाग्नि देकर दाह संस्कार की हर रस्म अदा की। हालांकि, ब्रह्मु दास के भाई और भतीजे भी हैं, लेकिन दोनों ने बेटियों ने स्वयं अपने पिता को मुखाग्नि देने का फैसला लिया और उन्होंने दूसरों को मना कर दिया, कहा कि वे दोनों स्वयं पिता को मुखाग्नि देंगी। ब्रह्मु दास की बड़ी बेटी मानसी शर्मा बीएससी की पढ़ाई के साथ बद्दी में एक निजी अस्पताल में नौकरी भी कर रही हैं, जबकि दूसरी बेटी नेहा ने जमा दो की परीक्षा दी हुई है। दोनों बहनों में अपने पिता को मुखाग्नि देकर इलाके में एक पहल कर नई मिशाल कायम कर दी है। मानसी और नेहा ने बताया कि हम भी बेटों से कम नहीं हैं। बेटियां हैं तो क्या हुआ, वे भी किसी बेटे से कम नहीं हैं।