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धोखाधड़ी से भूमि की रजिस्टरी करवाने का आरोप
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:11 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
डमटाल (कांगड़ा)। पुलिस थाना इंदौरा में देर रात्रि एक फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। जबकि कई मामले अभी भी कागजों में दबे पड़े हैं। एसडीपीओ नूरपुर नवदीप सिंह ने बताया कि रमेश पठानिया पुत्र धर्म सिंह निवासी रैहन ने पुलिस थाना इंदौरा में प्राथमिकी दर्ज करवाई है कि उनके पिता 1967 में नाहन चले गए थे और तब से वे परिवार सहित वहीं रह रहे थे, जबकि उनके पुश्तैनी गांव जमगल स्थित दीणी तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा में मलकियती भूमि थी, जहां वे 1967 से पहले रहा करते थे। उनके ही रिश्तेदार दो भाइयों जरनैल सिंह और सुरेंद्र सिंह पुत्र केहर सिंह निवासी जमगल तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा ने 19 जनवरी, 2007 को राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से खाता संख्या 33 खतौनी 42, खाता संख्या 35 खतौनी 46 से 59 कनाल रकबा जमीन एवं खाता संख्या 53 खतौनी 61 महाल जमगल मौजा दीणी से 26 मरला भूमि धोखाधड़ी करते हुए अपने नाम करवा ली। यही नहीं, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मामले के कथित आरोपियों ने फर्जी गवाह और फर्जी मालिक दिखाकर, फोटो एडिटिंग से उनके पिता की फोटो लगाकर राजस्व विभाग की मिलीभगत से रजिस्ट्री भी करवा ली। जबकि उस समय शिकायतकर्ता के पिता जो भूमि के मालिक थे, की उस समय आयु 93 वर्ष थी और वह चलने फिरने में असमर्थ थे और ऐसी कोई रजिस्ट्री उन्होंने नहीं करवाई।
शिकायतकर्ता को उक्त कथित फर्जीवाड़े का पता 2016 में उनके पिता की मृत्यु के बाद चला। जब शिकायतकर्ता उक्त महाल के पटवारी के पास अपनी पुश्तैनी मलकीयती भूमि को अपने परिवार के नाम करवाने आया। पटवारी ने बताया कि उनकी जमीन तो उनके उक्त रिश्तेदारों के नाम 2007 में ही रजिस्ट्री हो चुकी है। जिस पर शिकायतकर्ता ने मामला दर्ज करवाया है। एसपी संतोष पटियाल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता 420, 467, 471, 468 व 120बी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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डमटाल (कांगड़ा)। पुलिस थाना इंदौरा में देर रात्रि एक फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। जबकि कई मामले अभी भी कागजों में दबे पड़े हैं। एसडीपीओ नूरपुर नवदीप सिंह ने बताया कि रमेश पठानिया पुत्र धर्म सिंह निवासी रैहन ने पुलिस थाना इंदौरा में प्राथमिकी दर्ज करवाई है कि उनके पिता 1967 में नाहन चले गए थे और तब से वे परिवार सहित वहीं रह रहे थे, जबकि उनके पुश्तैनी गांव जमगल स्थित दीणी तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा में मलकियती भूमि थी, जहां वे 1967 से पहले रहा करते थे। उनके ही रिश्तेदार दो भाइयों जरनैल सिंह और सुरेंद्र सिंह पुत्र केहर सिंह निवासी जमगल तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा ने 19 जनवरी, 2007 को राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से खाता संख्या 33 खतौनी 42, खाता संख्या 35 खतौनी 46 से 59 कनाल रकबा जमीन एवं खाता संख्या 53 खतौनी 61 महाल जमगल मौजा दीणी से 26 मरला भूमि धोखाधड़ी करते हुए अपने नाम करवा ली। यही नहीं, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मामले के कथित आरोपियों ने फर्जी गवाह और फर्जी मालिक दिखाकर, फोटो एडिटिंग से उनके पिता की फोटो लगाकर राजस्व विभाग की मिलीभगत से रजिस्ट्री भी करवा ली। जबकि उस समय शिकायतकर्ता के पिता जो भूमि के मालिक थे, की उस समय आयु 93 वर्ष थी और वह चलने फिरने में असमर्थ थे और ऐसी कोई रजिस्ट्री उन्होंने नहीं करवाई।
शिकायतकर्ता को उक्त कथित फर्जीवाड़े का पता 2016 में उनके पिता की मृत्यु के बाद चला। जब शिकायतकर्ता उक्त महाल के पटवारी के पास अपनी पुश्तैनी मलकीयती भूमि को अपने परिवार के नाम करवाने आया। पटवारी ने बताया कि उनकी जमीन तो उनके उक्त रिश्तेदारों के नाम 2007 में ही रजिस्ट्री हो चुकी है। जिस पर शिकायतकर्ता ने मामला दर्ज करवाया है। एसपी संतोष पटियाल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता 420, 467, 471, 468 व 120बी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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