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अमेरिकी महिला से दुराचार के दोषी को 7 साल कैद
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:19 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंबर-तीन ज्योत्स्ना सुमन डढवाल की अदालत ने अमेरिका की नागरिक महिला से धोखे से शादी कर दुराचार और धोखाधड़ी करने के मामले में दोषी गुलाम हसन हकीम निवासी पहलगाम को विभिन्न धाराओं में अधिकतम सात साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी के दो साथियों को भी धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में सात-सात साल कैद और जुर्माने की सजा सुुनाई है। जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि अमेरिका की नागरिक महिला ने 26 अक्तूबर 2005 को मैक्लोडगंज पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि मैक्लोडगंज में गलीचा बेचने वाले गुुलाम हसन हकीम निवासी पहलगाम, कश्मीर ने वर्ष 2001 में खुद को अविवाहित बताकर उससे शादी कर ली। शादी के समय एक निकाहनामा भी बनाया गया जिसमें धोखे से गुुलाम हसन ने उसकी आधी संपत्ति अपने नाम लिखवा ली। बाद के वर्षों में वह उससे अलग-अलग तरीकों से पैसे ऐंठता रहा और उससे शारीरिक संबंध भी स्थापित किए। वर्ष 2005 में पहलगाम जाने पर उसे पता चला कि गुुलाम हसन हकीम पहले से ही शादीशुदा है और उसने झूठ बोलकर उससे दूसरी शादी की है। अपने झूठ का पर्दाफाश होने पर गुलाम हसन हकीम ने अमेरिकी महिला को तलाक देने के नाम पर जाली तलाकनामा तैयार करवाया, जिसमें उसके भाई गुलजार अहमद हकीम, पीर मोहम्मद आजाद और इम्तियाज अहमद हकाक निवासी पहलगाम ने गवाही दी। अमेरिकी महिला की शिकायत पर मैक्लोडगंज पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया। जिला न्यायवादी ने बताया कि मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने कुल 31 गवाह और बचाव पक्ष ने दो गवाह पेश कए। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी गुलाम हसन हकीम को आईपीसी की धाराओं 376, 406, 420, 493, 494, 495, 496, 467, 468, 471 और 120 बी. के तहत सात साल के कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जाली तलाकनामे पर गवाही देने के दोषी गुलजार अहमद हकीम को सात साल कैद और 45 हजार रुपये जुुर्माने और पीर मोहम्मद आजाद को सात साल कैद और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। चौथा आरोपी इम्तियाज अहमद हकाक फरार है, जिसे अदालत ने उदघोषित अपराधी करार दिया है।
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धर्मशाला। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंबर-तीन ज्योत्स्ना सुमन डढवाल की अदालत ने अमेरिका की नागरिक महिला से धोखे से शादी कर दुराचार और धोखाधड़ी करने के मामले में दोषी गुलाम हसन हकीम निवासी पहलगाम को विभिन्न धाराओं में अधिकतम सात साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी के दो साथियों को भी धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में सात-सात साल कैद और जुर्माने की सजा सुुनाई है। जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि अमेरिका की नागरिक महिला ने 26 अक्तूबर 2005 को मैक्लोडगंज पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि मैक्लोडगंज में गलीचा बेचने वाले गुुलाम हसन हकीम निवासी पहलगाम, कश्मीर ने वर्ष 2001 में खुद को अविवाहित बताकर उससे शादी कर ली। शादी के समय एक निकाहनामा भी बनाया गया जिसमें धोखे से गुुलाम हसन ने उसकी आधी संपत्ति अपने नाम लिखवा ली। बाद के वर्षों में वह उससे अलग-अलग तरीकों से पैसे ऐंठता रहा और उससे शारीरिक संबंध भी स्थापित किए। वर्ष 2005 में पहलगाम जाने पर उसे पता चला कि गुुलाम हसन हकीम पहले से ही शादीशुदा है और उसने झूठ बोलकर उससे दूसरी शादी की है। अपने झूठ का पर्दाफाश होने पर गुलाम हसन हकीम ने अमेरिकी महिला को तलाक देने के नाम पर जाली तलाकनामा तैयार करवाया, जिसमें उसके भाई गुलजार अहमद हकीम, पीर मोहम्मद आजाद और इम्तियाज अहमद हकाक निवासी पहलगाम ने गवाही दी। अमेरिकी महिला की शिकायत पर मैक्लोडगंज पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया। जिला न्यायवादी ने बताया कि मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने कुल 31 गवाह और बचाव पक्ष ने दो गवाह पेश कए। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी गुलाम हसन हकीम को आईपीसी की धाराओं 376, 406, 420, 493, 494, 495, 496, 467, 468, 471 और 120 बी. के तहत सात साल के कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जाली तलाकनामे पर गवाही देने के दोषी गुलजार अहमद हकीम को सात साल कैद और 45 हजार रुपये जुुर्माने और पीर मोहम्मद आजाद को सात साल कैद और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। चौथा आरोपी इम्तियाज अहमद हकाक फरार है, जिसे अदालत ने उदघोषित अपराधी करार दिया है।
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