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पत्थर बन गईं 300 सीमेंट की बोरियां
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:06 AM IST
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला में विकास कार्यों के लिए रखीं सीमेंट की 300 बोरियां पत्थर बन गईं। पत्थर बनीं इन सीमेंट की बोरियों को नगर निगम के कर्मचारी निजी वाहन में ठिकाने लगाने की फिराक में थे। इस सरकारी सीमेंट को नगर निगम धर्मशाला के विकास कार्यों को प्रयोग करने के लिए गोदाम में रखा गया था। लेकिन यह सीमेंट विकास कार्यों में प्रयोग तो नहीं हुआ, लेकिन पत्थर जरूर बन गया।
जानकारी के अनुसार नगर निगम कार्यालय के बाहर से एक निजी वाहन से पत्थर बने सरकारी सीमेंट को ठिकाने लगाने का प्रयास हो रहा था। वहीं इसकी भनक लगने के बाद जब नगर निगम के सीमेंट के स्टोर का मुआयना किया गया तो वहां पर करीब 300 सीमेंट के बैग पूरी तरह जमे हुए पाए गए। जब यह बात सामने आई तो नगर निगम के अधिकारियों ने आनन-फानन में सरकारी कर्मचारियों को सीमेंट की छंटाई करने में लगा दिया। जानकारी के अनुसार यह सरकारी सीमेंट करीब 15 दिन पहले ही यहां पर पहुंचा था और नगर निगम के स्टोर में इसे रखा गया था। जब नगर निगम के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो वे एक-दूसरे पर ही जिम्मेदारी थोपते रहे। ऐसे में नगर निगम की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में में आ गई है।
कोट्स
नगर निगम के आयुक्त संदीप कदम ने कहा कि अगर नगर निगम के स्टोर में सरकारी सीमेंट खराब हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उससे खराब हुए सीमेंट की भरपाई करवाई जाएगी।
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जानकारी के अनुसार नगर निगम कार्यालय के बाहर से एक निजी वाहन से पत्थर बने सरकारी सीमेंट को ठिकाने लगाने का प्रयास हो रहा था। वहीं इसकी भनक लगने के बाद जब नगर निगम के सीमेंट के स्टोर का मुआयना किया गया तो वहां पर करीब 300 सीमेंट के बैग पूरी तरह जमे हुए पाए गए। जब यह बात सामने आई तो नगर निगम के अधिकारियों ने आनन-फानन में सरकारी कर्मचारियों को सीमेंट की छंटाई करने में लगा दिया। जानकारी के अनुसार यह सरकारी सीमेंट करीब 15 दिन पहले ही यहां पर पहुंचा था और नगर निगम के स्टोर में इसे रखा गया था। जब नगर निगम के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो वे एक-दूसरे पर ही जिम्मेदारी थोपते रहे। ऐसे में नगर निगम की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में में आ गई है।
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कोट्स
नगर निगम के आयुक्त संदीप कदम ने कहा कि अगर नगर निगम के स्टोर में सरकारी सीमेंट खराब हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उससे खराब हुए सीमेंट की भरपाई करवाई जाएगी।
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