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कांगड़ा में 35 दिन में आए 35 स्वाइन फ्लू के रोगी
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कांगड़ा में 35 दिन में सामने आए 35 स्वाइन फ्लूू के रोगी
टांडा में 146 लोगों की हुई जांच, 46 में मिला इन्फ्लुएंजा ए वायरस
अब तक 7 लोगों की हो चुकी है स्वाइन फ्लू से मौत
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिले में एक जनवरी से लेकर चार फरवरी तक 35 लोग स्वाइन फ्लू बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं। राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में पिछले 35 दिन में हुए 146 परीक्षणों में से 46 में इन्फ्लुएंजा ए वायर पाया गया है। इनमें से 35 मरीज जिला कांगड़ा से संबंधित हैं, जबकि चंबा और हमीरपुर जिला से पांच-पांच मरीज चपेट में आए हैं, जबकि मंडी जिला से भी एक व्यक्ति बीमारी की चपेट में आया है। इनमें से सात लोगों की अब तक मौत हो चुकी है, जिनमें से पांच मरीज कांगड़ा और मंडी व हमीरपुर से एक-एक पीड़ित व्यक्ति शामिल है। स्वाइन फ्लू से मौत की नींद में सोए मरीजों में 6 की मौत टीएमसी में हुई है, जबकि एक मरीज की मौत पीजीआई में हुई है। वहीं मौजूदा समय में स्वाइन फ्लू से पीड़ित आठ मरीज राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में उपचाराधीन हैं। यह बात धर्मशाला में पत्रकारों से रू-ब-रू होते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने बताया कि बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। बीमारी से संबंधित सभी दवाइयां हर स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बेशक जिला में मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसमें बेशक सतर्क रहने की आवश्यकता है, लेकिन घबराने की नहीं। थोड़ी सी एहतियात रखने पर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, ठंड लगना, निरंतर छीकें आना, शरीर का कांपना, थकान लगना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द इसके लक्षण हैं। ऐेसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में तुरंत संपर्क करें।
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टांडा में 146 लोगों की हुई जांच, 46 में मिला इन्फ्लुएंजा ए वायरस
अब तक 7 लोगों की हो चुकी है स्वाइन फ्लू से मौत
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिले में एक जनवरी से लेकर चार फरवरी तक 35 लोग स्वाइन फ्लू बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं। राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में पिछले 35 दिन में हुए 146 परीक्षणों में से 46 में इन्फ्लुएंजा ए वायर पाया गया है। इनमें से 35 मरीज जिला कांगड़ा से संबंधित हैं, जबकि चंबा और हमीरपुर जिला से पांच-पांच मरीज चपेट में आए हैं, जबकि मंडी जिला से भी एक व्यक्ति बीमारी की चपेट में आया है। इनमें से सात लोगों की अब तक मौत हो चुकी है, जिनमें से पांच मरीज कांगड़ा और मंडी व हमीरपुर से एक-एक पीड़ित व्यक्ति शामिल है। स्वाइन फ्लू से मौत की नींद में सोए मरीजों में 6 की मौत टीएमसी में हुई है, जबकि एक मरीज की मौत पीजीआई में हुई है। वहीं मौजूदा समय में स्वाइन फ्लू से पीड़ित आठ मरीज राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में उपचाराधीन हैं। यह बात धर्मशाला में पत्रकारों से रू-ब-रू होते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने बताया कि बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। बीमारी से संबंधित सभी दवाइयां हर स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बेशक जिला में मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसमें बेशक सतर्क रहने की आवश्यकता है, लेकिन घबराने की नहीं। थोड़ी सी एहतियात रखने पर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, ठंड लगना, निरंतर छीकें आना, शरीर का कांपना, थकान लगना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द इसके लक्षण हैं। ऐेसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में तुरंत संपर्क करें।