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आरटीआई को लेकर सोच बदलें अधिकारी: अजय मितल
Updated Tue, 20 Feb 2018 11:16 PM IST
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धर्मशाला। केंद्र सरकार में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव अजय मित्तल ने जनसूचना एवं सहायक जनसूचना अधिकारियों से सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को लेकर सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि अधिनियम को लेकर बेवजह की भ्रांतियां और शंकाएं दूर की जाएं और सीमित सूचनाएं देने का रवैया छोड़कर जनहित में वे सभी सूचनाएं प्रदान की जाएं जो दी जानीं चाहिए। मित्तल सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर जनसूचना एवं सहायक जनसूचना अधिकारियों के ज्ञानवर्धन के लिए आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। सम्मेलन में मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान, राज्य सूचना आयुक्त एससी श्रीवास्तव एवं पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त भीमसेन भी उपस्थित रहे। अजय मित्तल ने कहा कि जनतंत्र में जनता को उन सभी निर्णयों की जानकारी होनी चाहिए जिनसे उनका जीवन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं को आरटीआई आवेदक के स्थान पर रखकर व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन जरूरी हैं ताकि जनसूचना एवं सहायक जनसूचना अधिकारियों के आरटीआई एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर जागरूकता एवं ज्ञान में बढ़ोतरी हो और कार्यों में पारदर्शिता, जिम्मेवारी और उत्तरदायित्व लेकर कानून का अधिक प्रभावशाली कार्यान्वयन तय हो इस दौरान पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त भीमसेन ने कार्यालयों में कार्यालय मैन्यूल के अनुरूप रिकॉर्ड रखने की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे आरटीआई में सूचना देने में कठिनाई नहीं हागी। सम्मेलन में विशेष सचिव वन एवं उद्योग, हिमाचल सरकार, गोपाल शर्मा ने आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। सम्मेलन में उपायुक्त संदीप कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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