फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   कांगड़ा में गर्माया रहा पूरा साल भर सियासी पारा

कांगड़ा में गर्माया रहा पूरा साल भर सियासी पारा

Sun, 31 Dec 2017 12:02 AM IST
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
कांगड़ा में गर्माया रहा पूरा साल भर सियासी पारा
राकेश भारद्वाज
विज्ञापन

धर्मशाला। यूं तो चुनावी वर्ष-2017 में राजनीति गर्माना लाजमी था,लेकिन ऐसा पहली बार हुआ कि पूरा साल भर भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने कांगड़ा में डेरा जमाया रखा। विधान सभा चुनावों में इस साल बड़े-बड़े दिग्गजों के जहाज डूब गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी फतेहपुर विस क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार कृपाल परमार और पालमपुर से इंदू गोस्वामी चुनाव में जीत नहीं सकीं। हालांकि प्रधानमंत्री ने इन दोनों ही विस क्षेत्रों को साधने के लिए रैलियां भी की थीं। वहीं, नगरोटा बगवां विस क्षेत्र में मुख्यमंत्री बनने के नाम पर वोट मांगने के बाद भी कांग्रेस के दिग्गज जीएस बाली, देहरा से भाजपा के दिग्गज रविंद्र सिंह रवि और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता विप्लव ठाकुर भी नहीं जीत पाई।
हालांकि, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मतदान से ठीक पहले नगरोटा बगवां में रैली की, लेकिन ऐसा भी पहली बार ही देखने को मिला है कि विधानसभा चुनाव के लिए देश के प्रधानमंत्री ने तीन रैलियां कांगड़ा जिला में की हों। पूरा साल भर भाजपा के राष्ट्रीय नेता कांगड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते रहे, तो साल-2017 कांगड़ा कांग्रेस के लिए मायूसी भरा रहा। क्योंकि, पूरा साल भर नेताओं में खींचतान लगी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो नवंबर को रैहन, चार को शाहपुर और पांच नवंबर को पालमपुर, जबकि सात नवंबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने नगरोटा बगवां में चुनावी रैली की। इसके अलावा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नगरोटा बगवां में भाजपा उम्मीदवार अरुण कुमार कूका के लिए वोट मांगे।
विज्ञापन

इनसेट....
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कांगड़ा में जमाए रखा पूरा साल डेरा
चुनावी वर्ष में कांगड़ा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पूरा साल डेरा जमाए रखा। शाह ने साल की शुरुआत में ही 23 जनवरी को शाहपुर के चंबी में त्रिदेव सम्मेलन में शिरकत की। इस दौरान उनके साथ अरुण जेटली भी मौजूद रहे। वहीं तीन और चार मई को शाह ने पालमपुर में भाजपा की शंखनाद, तो 22 सितंबर को कांगड़ा में युवा हुंकार रैली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भाग लिया। इसके अलावा 30 अक्तूबर को चलवाड़ा और तीन नवंबर को जयसिंहपुर में चुनावी रैलियां भी शाह ने कीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनसेट.....
मेजर ने खोले रखा वीरभद्र के खिलाफ मोर्चा
साल के बीच में सात जुलाई को मेजर विजय सिंह मनकोटिया को हिमाचल पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटाए जाने के तुरंत बाद उन्होंने वीरभद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने शिमला में प्रेस वार्ता कर वीरभद्र पर हिमाचल कांग्रेस को बर्बाद कर पार्टी में दूूसरी पंक्ति न उभरने देने के आरोप लगाए, तो वीरभद्र सिंह ने 8 जुलाई को मीडिया को बयान देकर मनकोटिया को भाजपा की कठपुतली करार देते हुए अनुशासनहीन फौजी कहा था। इसलिए ही सेना से बाहर होने की भी वीरभद्र ने बात कही। करीब एक सप्ताह तक आरोप प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस नेता जीएस बाली मेजर विजय सिंह के पक्ष में खड़े हुए।
इनसेट....
कपूर के आंसुओं ने डुबोई सुधीर की नैया
प्रदेश में विधान सभा चुनावों की घोषणा के बाद टिकट आवंटन के दौरान धर्मशाला विस क्षेत्र से एबीवीपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव उमेश दत्त के टिकट फाइनल होने की चर्चाओं के बीच भाजपा नेता किशन कपूर की कार्यकर्ताओं के साथ 16 अक्तूबर को बैठक हुई। बैठक में किशन कपूर के आंसू छलक गए। ये आंसू ऐसे थे कि पूरे विस क्षेत्र कपूर के लिए एक सांत्वना की हवा बनीं और न केवल किशन कपूर का टिकट फाइनल हुआ, वहीं इन्हीं आंसुओं के बहाव में सुधीर शर्मा की नैया डूब गई और वे चुनाव हार गए।
इनसेट....
भाजपा टिकट आवंटन ने रुलाए नेता
प्रदेश में चुनावों की घोषणा होते ही भाजपा टिकट आवंटन ने कांगड़ा के तीन नेताओं की आंखों से आंसू निकाल दिए। सबसे पहले 16 अक्तूबर को धर्मशाला में किशन कपूर रोए। इसके बाद किशन कपूर की तो टिकट फाइनल हो गई, लेकिन उन्हीं के पदचिह्नों पर चले पालमपुर से पूर्व भाजपा नेता प्रवीण शर्मा का भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार के पैरों पर पड़ कर राना, तो नूरपुर से रणवीर सिंह निक्का कार्यकर्ताओं के बीच बैठक में रो दिए, लेकिन इन दोनों ही नेताओं के रोने का पार्टी हाईकमान पर कोई असर नहीं पड़ा।
इनसेट.....
वीरभद्र सिंह के गद्दी समुदाय पर दिए तथाकथित बयान ने गर्माई राजनीति
सात और आठ अगस्त को ऊना जिला के दो दिवसीय दौरे पर गए वीरभद्र सिंह की गद्दी समुदाय पर की गई तथाकथित टिप्पणी ने भी राजनीति को खूब हवा दी। वीरभद्र सिंह के काफिले को काले झंडे दिखाने के लिए 12 अगस्त को गद्दी समुदाय के लोगों पर कथित लाठीचार्ज हुआ। इसके बाद भाजपा को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया, तो कांग्रेस मुद्दे पर बैकफुट पर आ गई। करीब 20 दिन तक चले इस मुद्दे पर पहले तो पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता ठाकुर सिंह भरमौरी ने 12 अगस्त को बयान जारी कर हुल्लड़बाजों पर लाठीचार्ज होने की बात कही, तो दूसरी ओर सरकार ने डैमेज कंट्रोल के लिए गद्दी कल्याण बोर्ड में सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 33 से 74 कर दी। भाजपा ने 13 अगस्त को धर्मशाला में रैली निकालकर वीरभद्र सिंह का पुतला फूंका, एसटी आयोग के चेयरमैन नंद कुमार साई को धर्मशाला पहुंचा दिया, तो वहीं 20 अगस्त को भाजपा एसटी मोर्चा का सम्मेलन करवाया।

इनसेट.....
आजाद विधायकों ने थामा पार्टी का दामन
साल-2012 के विस चुनावों में कांगड़ा विधान सभा क्षेत्र से आजाद उम्मीदवार के तौर पर जीत कर आए पवन काजल और इंदौरा के विधायक मनोहर धीमान ने साल-2017 में राजनीतिक पार्टियों का दामन थाम किया। मनोहर धीमान चुनावों से पहले ही भाजपा में एंट्री मार ली, लेकिन भाजपा ने मनोहर को टिकट नहीं दिया, तो भाजपा नेता धूमल के दरबार हाजिरी लगाने की अटकलों के बीच में कांगड़ा के विधायक पवन काजल को कांग्रेस ने टिकट दिया और वह चुनाव लड़कर जीत गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed