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Kangra News: 11 माह के समझौता पर 11 साल तक कब्जा, अब खाली करनी होगी दुकान
Mon, 11 May 2026 05:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 11 May 2026 05:24 AM IST
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धर्मशाला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चिराग भानू सिंह की अदालत ने दुकान खाली करने के आदेशों के खिलाफ दायर एक किराएदार की अपील को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने माना कि दुकान केवल 11 माह की अवधि के लिए किराये पर दी गई थी, जिसे दुकानदार गलत तरीके से 11 वर्ष का बताकर कब्जा जमाए बैठा था। कोर्ट ने निचली अदालत के दुकान खाली कराने के फैसले को कानूनी रूप से सही ठहराते हुए बरकरार रखा है।
नगरोटा बगवां तहसील के एक व्यक्ति ने निचली अदालत के आदेश को जिला न्यायालय में चुनौती दी थी। मकान मालिक के अनुसार फरवरी 2011 में दुकान का ग्राउंड फ्लोर 1500 रुपये मासिक किराये पर मात्र 11 महीने के लिए दिया गया था। दिसंबर 2011 में अवधि समाप्त होने और कानूनी नोटिस के बावजूद किराएदार ने कब्जा नहीं छोड़ा।
किराएदार ने दावा किया कि दुकान उसके पिता ने 1996 में ली थी और 2011 के नए समझौते में उसने 16 हजार रुपये अतिरिक्त देकर 10 साल की लीज तय की थी। रिकॉर्ड से स्पष्ट हुआ कि 1996 का समझौता 2006 में ही खत्म हो गया था और अमानत राशि भी लौटा दी गई थी। दस्तावेज लेखक और गवाहों ने पुष्टि की कि 2011 का नया किरायानामा केवल 11 महीने के लिए था। अदालत ने स्पष्ट किया कि अवधि समाप्त होने के बाद कब्जा बनाए रखना अवैध है, लिहाजा किराएदार को दुकान खाली करनी होगी।
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नगरोटा बगवां तहसील के एक व्यक्ति ने निचली अदालत के आदेश को जिला न्यायालय में चुनौती दी थी। मकान मालिक के अनुसार फरवरी 2011 में दुकान का ग्राउंड फ्लोर 1500 रुपये मासिक किराये पर मात्र 11 महीने के लिए दिया गया था। दिसंबर 2011 में अवधि समाप्त होने और कानूनी नोटिस के बावजूद किराएदार ने कब्जा नहीं छोड़ा।
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किराएदार ने दावा किया कि दुकान उसके पिता ने 1996 में ली थी और 2011 के नए समझौते में उसने 16 हजार रुपये अतिरिक्त देकर 10 साल की लीज तय की थी। रिकॉर्ड से स्पष्ट हुआ कि 1996 का समझौता 2006 में ही खत्म हो गया था और अमानत राशि भी लौटा दी गई थी। दस्तावेज लेखक और गवाहों ने पुष्टि की कि 2011 का नया किरायानामा केवल 11 महीने के लिए था। अदालत ने स्पष्ट किया कि अवधि समाप्त होने के बाद कब्जा बनाए रखना अवैध है, लिहाजा किराएदार को दुकान खाली करनी होगी।
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