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उल्टी, दस्त, पीलिया और टाइफायड ने जकड़े नौनिहाल
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:24 AM IST
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धर्मशाला। बरसात शुरू होते ही जलजनित रोगों ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। खासकर नौनिहालों को। आजकल बच्चे उल्टी, दस्त, पीलिया और टायफाइड की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं।
जिला मुख्यालय स्थित जोनल अस्पताल की चाइल्ड ओपीडी में हर रोज लगभग 150 बच्चे जलजनित रोगों से पीड़ित होकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण दूषित जल और खानपान है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों का खास तौर पर ध्यान रखें। आजकल बाजार में खाने-पीने से परहेज करें। स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान के बावजूद बच्चे जनजनित रोगों की चपेट में आ रहे हैं। धर्मशाला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से शाम तक बच्चों को उपचार के लिए परिजनों की भीड़ लगी रहती है।
ऐसे करें बचाव
स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित रोगों से बच्चों को बचाने की हिदायत दी है। विशेषज्ञों ने बच्चों को खाना खाने से पहले हर बार हाथ धोने, पीने का पानी उबालकर ही पीने के लिए देने, सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों को पानी न पीने दें, घर में अगर कोई व्यक्ति बीमार है, तो उससे बच्चों को दूर रखें। इसके अलावा बीमार बच्चों के साथ स्वस्थ बच्चों को खेलने न दें।
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बरसात के पानी से बच्चों को रखें दूर
बरसात के पानी में बच्चों को न खेलने दें। इसके अलावा घरों के आसपास जमा बारिश के पानी को दो दिन से ज्यादा ठहरने ने दें। इससे भी बच्चे बीमारी की चपेट में आते हैं।
कोट्स
धर्मशाला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अजय दत्ता ने कहा कि ओपीडी में हर रोज लगभग 150 बच्चे जांच के लिए आ रहे हैं। इनमें अधिकतर जलजनित रोग से ग्रस्त है। बरसात में बच्चों में जलजनित रोग होने की ज्यादा संभावनाएं रहते हैं। परिजनों की सावधानी से बच्चों को ऐसे रोगों से बचाया जा सकता है।
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जिला मुख्यालय स्थित जोनल अस्पताल की चाइल्ड ओपीडी में हर रोज लगभग 150 बच्चे जलजनित रोगों से पीड़ित होकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण दूषित जल और खानपान है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों का खास तौर पर ध्यान रखें। आजकल बाजार में खाने-पीने से परहेज करें। स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान के बावजूद बच्चे जनजनित रोगों की चपेट में आ रहे हैं। धर्मशाला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से शाम तक बच्चों को उपचार के लिए परिजनों की भीड़ लगी रहती है।
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ऐसे करें बचाव
स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित रोगों से बच्चों को बचाने की हिदायत दी है। विशेषज्ञों ने बच्चों को खाना खाने से पहले हर बार हाथ धोने, पीने का पानी उबालकर ही पीने के लिए देने, सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों को पानी न पीने दें, घर में अगर कोई व्यक्ति बीमार है, तो उससे बच्चों को दूर रखें। इसके अलावा बीमार बच्चों के साथ स्वस्थ बच्चों को खेलने न दें।
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बरसात के पानी से बच्चों को रखें दूर
बरसात के पानी में बच्चों को न खेलने दें। इसके अलावा घरों के आसपास जमा बारिश के पानी को दो दिन से ज्यादा ठहरने ने दें। इससे भी बच्चे बीमारी की चपेट में आते हैं।
कोट्स
धर्मशाला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अजय दत्ता ने कहा कि ओपीडी में हर रोज लगभग 150 बच्चे जांच के लिए आ रहे हैं। इनमें अधिकतर जलजनित रोग से ग्रस्त है। बरसात में बच्चों में जलजनित रोग होने की ज्यादा संभावनाएं रहते हैं। परिजनों की सावधानी से बच्चों को ऐसे रोगों से बचाया जा सकता है।