{"_id":"5aba853d4f1c1b21578b6e26","slug":"101522173245-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीपीएल का सर्वे दोबारा न हुआ तो जाएंगे कोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीपीएल का सर्वे दोबारा न हुआ तो जाएंगे कोर्ट
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
गुलेर (कांगड़ा)। विकास खंड नगरोटा सूरियां की गुलेर पंचायत में हुए बीपीएल के सर्वे पर ग्रामीणों ने रोष जताया है। ग्रामीणों ने यहां तक चेतावनी दे डाली है कि अगर सर्वे को दोबारा नहीं करवाया गया तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी गुरेज नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस सर्वे में जहां अमीर वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी गई है, जबकि गरीब लोगों से पक्षपात किया गया है। लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों को इस सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्होंने निष्ठा के साथ इसे नहीं निभाया है। वहीं, उन्होंने सर्वे करने गए अधिकारियों की ओर से फार्म भरने के लिए प्रयोग की गई लैड पेंसिल पर भी सवाल उठाए हैं, ताकि इस रिपोर्ट को बदला जा सके।
बाक्स
बीडीओ को भेजा पंचायत का प्रस्ताव
ग्राम पंचायत गुलेर के ग्रामीणों राम दास, पवन कुमार, मुकेश कुमार, सुधीर सिंह, कमलेश कुमार, सुखदेव, पुरुषोत्तम चंद, साई दास, प्रदीप कुमार, त्रिलोक, गुलजारी लाल, निर्मला देवी, प्रदेशा देवी, आशा देवी, सेवा देवी, रेशमा देवी, ओमी देवी, नीलम देवी, मलका देवी, प्रमोद सिंह, संजीव कुमार, रक्षपाल सिंह, अक्षय, अमित, तिलक राज, अनीता, यशवीर सिंह, नरेश कुमार आदि ने संयुक्त रूप से एक पत्र लिखकर खंड विकास अधिकारी नगरोटा सूरियां से मांग की है कि जिन अधिकारियों ने सर्वे किया है, उसमें कुछ त्रुटियां पाई गई हैं तथा जो सर्वे हुआ है वह गलत है। ग्रामीणों ने कहा है कि गुलेर पंचायत का सर्वे दोबारा किया जाए, अन्यथा उन्हें उच्च अधिकारियों के पास जाना पड़ेगा।
कोट
-सर्वे करने के लिए जो कमेटी गई थी, वह जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई थी और वे जिम्मेदार अधिकारी थे। मेरे पास पंचायत का प्रस्ताव आया है और मैं इस मामले की जांच करूंगा। -केसर सिंह, बीडीओ, नगरोटा सूरियां
विज्ञापन
-पंचायत के हर वार्ड में सर्वे हुआ है। इसमें हर वार्ड में टीम ने सर्वे किया था और इसकी रिपोर्ट तैयार की थी। सर्वे करने वाली टीम में पंचायत प्रधान शामिल नहीं थे। अब हाल में आम सभा की बैठक में जो सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है, उस पर लोगों ने आपत्ति की है जिस पर पंचायत ने एक रैजुलेशन बीडीओ को भेजा है।
- कमल किशोर, पंचायत प्रधान, गुलेर
कोटला में भी बीपीएल सर्वे पर सवाल
कोटला (कांगड़ा)। बीपीएल सर्वे पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। कोटला पंचायत प्रधान योगराज ने लोगों की आवाज को ध्यान में रखते हुए सरकार से मांग की है कि उनकी पंचायत में बीपीएल कोटा बढ़ाकर 33 प्रतिशत कुल राशनकार्डों के आधार पर किया जाए, ताकि पात्र व्यक्तियों का चयन किया जा सके। वहीं, पंचायत के संजय कुमार, अशोक कुमार, गोपाल, रमन ने कहा कि हाल ही में सर्वे गलत तरीके से किए गए हैं। उधर, इस बारे में विकास खंड अधिकारी केएस राणा ने बताया कि बीपीएल सर्वे डीसी कांगड़ा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पटवारी, सचिव की टीम से करवाए हैं।
विज्ञापन
गुलेर (कांगड़ा)। विकास खंड नगरोटा सूरियां की गुलेर पंचायत में हुए बीपीएल के सर्वे पर ग्रामीणों ने रोष जताया है। ग्रामीणों ने यहां तक चेतावनी दे डाली है कि अगर सर्वे को दोबारा नहीं करवाया गया तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी गुरेज नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस सर्वे में जहां अमीर वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी गई है, जबकि गरीब लोगों से पक्षपात किया गया है। लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों को इस सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्होंने निष्ठा के साथ इसे नहीं निभाया है। वहीं, उन्होंने सर्वे करने गए अधिकारियों की ओर से फार्म भरने के लिए प्रयोग की गई लैड पेंसिल पर भी सवाल उठाए हैं, ताकि इस रिपोर्ट को बदला जा सके।
बाक्स
बीडीओ को भेजा पंचायत का प्रस्ताव
ग्राम पंचायत गुलेर के ग्रामीणों राम दास, पवन कुमार, मुकेश कुमार, सुधीर सिंह, कमलेश कुमार, सुखदेव, पुरुषोत्तम चंद, साई दास, प्रदीप कुमार, त्रिलोक, गुलजारी लाल, निर्मला देवी, प्रदेशा देवी, आशा देवी, सेवा देवी, रेशमा देवी, ओमी देवी, नीलम देवी, मलका देवी, प्रमोद सिंह, संजीव कुमार, रक्षपाल सिंह, अक्षय, अमित, तिलक राज, अनीता, यशवीर सिंह, नरेश कुमार आदि ने संयुक्त रूप से एक पत्र लिखकर खंड विकास अधिकारी नगरोटा सूरियां से मांग की है कि जिन अधिकारियों ने सर्वे किया है, उसमें कुछ त्रुटियां पाई गई हैं तथा जो सर्वे हुआ है वह गलत है। ग्रामीणों ने कहा है कि गुलेर पंचायत का सर्वे दोबारा किया जाए, अन्यथा उन्हें उच्च अधिकारियों के पास जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
कोट
-सर्वे करने के लिए जो कमेटी गई थी, वह जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई थी और वे जिम्मेदार अधिकारी थे। मेरे पास पंचायत का प्रस्ताव आया है और मैं इस मामले की जांच करूंगा। -केसर सिंह, बीडीओ, नगरोटा सूरियां
विज्ञापन
-पंचायत के हर वार्ड में सर्वे हुआ है। इसमें हर वार्ड में टीम ने सर्वे किया था और इसकी रिपोर्ट तैयार की थी। सर्वे करने वाली टीम में पंचायत प्रधान शामिल नहीं थे। अब हाल में आम सभा की बैठक में जो सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है, उस पर लोगों ने आपत्ति की है जिस पर पंचायत ने एक रैजुलेशन बीडीओ को भेजा है।
- कमल किशोर, पंचायत प्रधान, गुलेर
कोटला में भी बीपीएल सर्वे पर सवाल
कोटला (कांगड़ा)। बीपीएल सर्वे पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। कोटला पंचायत प्रधान योगराज ने लोगों की आवाज को ध्यान में रखते हुए सरकार से मांग की है कि उनकी पंचायत में बीपीएल कोटा बढ़ाकर 33 प्रतिशत कुल राशनकार्डों के आधार पर किया जाए, ताकि पात्र व्यक्तियों का चयन किया जा सके। वहीं, पंचायत के संजय कुमार, अशोक कुमार, गोपाल, रमन ने कहा कि हाल ही में सर्वे गलत तरीके से किए गए हैं। उधर, इस बारे में विकास खंड अधिकारी केएस राणा ने बताया कि बीपीएल सर्वे डीसी कांगड़ा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पटवारी, सचिव की टीम से करवाए हैं।