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आऊट सोर्स कर्मचारियों के लिए पंजाब की तर्ज पर बने स्थाई नीति
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:24 PM IST
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आउट सोर्स कर्मियों के लिए बने स्थायी नीति
प्रधान अनिल राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक
कहा-अनदेखी कतई नहीं की जाएगी बर्दाश्त
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के आउट सोर्स कर्मचारी संघ ने सरकार से पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड की तर्ज पर स्थायी नीति बनाने की मांग की है। संघ का कहना है इक आउटसोर्स कर्मचारियों को शोषण से बचाने के लिए स्थायी नीति का बनना जरूरी है। संघ को सरकार के इस बजट सत्र में भी स्थायी नीति बनाए जाने की आस जगी है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ की बैठक प्रधान अनिल राणा की अध्यक्षता में कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में हुई। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की गई है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड की तर्ज पर इस बजट सत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति की घोषणा की जाए। समान काम के लिए समान वेतन का लाभ उन्हें प्रदान किया जाए। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड और निगमों में दस से पंद्रह सालों से करीब 35000 आउटसोर्स कर्मचारी बहुत ही कम वेतन पर कार्य कर रहे हैं। इससे इन कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। संघ ने आशा व्यक्त की है कि जयराम सरकार पिछली कांग्रेस सरकार की तरह आउटसोर्स कर्मचारियों की अनदेखी कतई नहीं करेगी।
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प्रधान अनिल राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक
कहा-अनदेखी कतई नहीं की जाएगी बर्दाश्त
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के आउट सोर्स कर्मचारी संघ ने सरकार से पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड की तर्ज पर स्थायी नीति बनाने की मांग की है। संघ का कहना है इक आउटसोर्स कर्मचारियों को शोषण से बचाने के लिए स्थायी नीति का बनना जरूरी है। संघ को सरकार के इस बजट सत्र में भी स्थायी नीति बनाए जाने की आस जगी है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ की बैठक प्रधान अनिल राणा की अध्यक्षता में कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में हुई। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की गई है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड की तर्ज पर इस बजट सत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति की घोषणा की जाए। समान काम के लिए समान वेतन का लाभ उन्हें प्रदान किया जाए। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड और निगमों में दस से पंद्रह सालों से करीब 35000 आउटसोर्स कर्मचारी बहुत ही कम वेतन पर कार्य कर रहे हैं। इससे इन कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। संघ ने आशा व्यक्त की है कि जयराम सरकार पिछली कांग्रेस सरकार की तरह आउटसोर्स कर्मचारियों की अनदेखी कतई नहीं करेगी।